6. भारत की नदियाँ (Rivers of India)

भारतीय अपवाह तंत्र (Drainage System) को मुख्य रूप से दो भागों में बाँटा जाता है: 1. हिमालयी नदियाँ और 2. प्रायद्वीपीय नदियाँ। हिमालय से निकलने वाली नदियों को तीन नदी तंत्रों में विभाजित किया जाता है: सिन्धु नदी तंत्र, गंगा नदी तंत्र और ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र।

🗺️ भारत का अपवाह तंत्र (Visual River Map)

नदियों के वर्गीकरण और उनके बहने की दिशा को इस आरेख से समझें:

🏔️ उत्तर भारत (हिमालयी नदी तंत्र)
सिन्धु तंत्र: झेलम, चिनाब, रावी, व्यास, सतलज गंगा तंत्र: यमुना, रामगंगा, गोमती, घाघरा, सोन ब्रह्मपुत्र तंत्र: दिहांग, लोहित, मानस, तिस्ता
⬅ पश्चिम की ओर (अरब सागर में)
  • नर्मदा (भ्रंश घाटी)
  • ताप्ती (भ्रंश घाटी)
  • साबरमती, माही, लूनी
  • नोट: ये नदियाँ डेल्टा नहीं बनातीं (ऐश्चुअरी बनाती हैं)।
➡ पूर्व की ओर (बंगाल की खाड़ी में)
  • गोदावरी (वृद्ध गंगा)
  • कृष्णा
  • कावेरी (दक्षिण की गंगा)
  • महानदी
  • नोट: ये नदियाँ डेल्टा का निर्माण करती हैं।

A. सिन्धु नदी तंत्र (Indus River System)

  • उद्गम: सिन्धु नदी बोखर चू हिमनद (कैलाश पर्वत श्रेणी, तिब्बत) से निकलती है।
  • तिब्बत में नाम: इसे तिब्बत में सिंगी खम्बन या लायन्स माउथ कहा जाता है।
  • लम्बाई: कुल लम्बाई 2,880 किमी है, जिसमें भारत में इसकी लम्बाई 709 किमी (या 1114 किमी) है।
  • प्रमुख सहायक नदियाँ: झेलम, चिनाब, रावी, व्यास तथा सतलज।
  • गहरा महाखड्ड: सिन्धु नदी द्वारा निर्मित सबसे गहरे महाखड्ड का नाम गिलगित (5,200 मी) है।

सिन्धु की सहायक नदियों के प्रमुख तथ्य:

  • झेलम: इसका उद्गम बेरीनाग (शेषनाग झील) से होता है। यह कश्मीर की सबसे महत्वपूर्ण नदी है और वूलर झील से होकर बहती है। किशन गंगा इसकी सहायक नदी है।
  • चिनाब: हिमाचल प्रदेश में इसे चंद्रभागा नाम से जाना जाता है। झेलम इसी में आकर मिलती है।
  • रावी: यह हिमाचल की चंबा घाटी से होकर बहती है। इसका उद्गम रोहतांग दर्रे के पास से होता है। इसे ‘परुष्णी’ या ‘इरावती’ भी कहते हैं।
  • व्यास: इसका उद्गम व्यास कुंड से होता है। अन्य नाम: विपाशा या अर्गीकिया।
  • सतलज: यह मानसरोवर झील के निकट राकास ताल (राक्षस ताल) से निकलती है। भारत में इसकी कुल लम्बाई 1,050 किमी है।

🌊 पंचनद द्वारा निर्मित पंच दोआब

(दो नदियों के बीच भूमि क्षेत्र को दोआब कहा जाता है)

  • बिस्ट दोआब: व्यास और सतलज के बीच।
  • बारी दोआब: व्यास और रावी के बीच।
  • रचना दोआब: रावी और चिनाब के बीच।
  • चाज दोआब: चिनाब और झेलम के बीच।
  • सिंध सागर दोआब: झेलम और सिन्धु के बीच।

B. गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र

गंगा नदी तंत्र (Ganga River System)

  • उद्गम: गोमुख हिमनद (गंगोत्री) से। देवप्रयाग में भागीरथी और अलकनंदा के संगम के बाद यह गंगा कहलाती है।
  • लम्बाई और विशेषता: यह भारत की वृहत्तम/सबसे लंबी नदी (2,501 किमी) और सबसे बड़ा नदी बेसिन है। गंगा एक ‘पूर्ववर्ती अपवाह’ का उदाहरण है।
  • सुंदरवन डेल्टा: गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा निर्मित विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा।
  • मैदानी उद्गम वाली सहायक नदी: गोमती (उद्गम: पीलीभीत जिले की फुलहर झील)।
  • कोसी नदी: इसे ‘बिहार का शोक’ कहा जाता है। यह सबसे अधिक पथ परिवर्तन करने वाली नदी है।
  • बंगाल का शोक: दामोदर नदी (यह हुगली की सहायक नदी है)।
  • बांग्लादेश में नाम: गंगा नदी को बांग्लादेश में पद्मा पुकारा जाता है।

ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र (Brahmaputra River System)

  • उद्गम: मानसरोवर झील के पास चेमायुंग डुंग हिमनद से।
  • तिब्बत में नाम: सांग पो। भारत में इसे ‘यरलुंग जंगबो’ नदी के नाम से भी जाना जाता है।
  • माजुली द्वीप: एशिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप ‘माजुली’ ब्रह्मपुत्र नदी में है।
  • सहायक नदियाँ: मानस ब्रह्मपुत्र की उपनदी है।

C. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ (Peninsular Rivers)

पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ (अरब सागर में गिरने वाली)

  • नर्मदा: उद्गम अमरकंटक (छत्तीसगढ़/MP) से। यह सतपुड़ा और विंध्याचल पर्वत श्रृंखलाओं के बीच ‘रिफ्ट घाटी’ (भ्रंश घाटी) से होकर बहती है। यह खम्भात की खाड़ी में गिरती है (लम्बाई 1,300 किमी)।
  • ताप्ती: उद्गम सतपुड़ा श्रेणी से। यह भी विभ्रंश घाटी से होकर बहती है और खम्भात की खाड़ी में गिरती है (लम्बाई 700 किमी)।
  • डेल्टा नहीं बनातीं: पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ (जैसे नर्मदा और ताप्ती) डेल्टा का निर्माण नहीं करती हैं (ये ऐश्चुअरी/मुहाना बनाती हैं)।
  • लूनी नदी: इसे भारत की लवण नदी के नाम से जाना जाता है और यह कच्छ के रन में गिरती है।
  • शरावती नदी: गरसोपा जल-प्रपात इसी नदी पर स्थित है (शिमोग जिला, कर्नाटक)।

पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ (बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली)

  • गोदावरी: इसका उद्गम नासिक (महाराष्ट्र) से होता है। यह दक्षिण भारत या प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी है। इसे ‘वृद्ध गंगा’ भी कहा जाता है। वैनगंगा तथा पेनगंगा गोदावरी की सहायक नदियाँ हैं।
  • कावेरी: उद्गम ब्रह्मगिरि श्रेणी (कर्नाटक) से। इसे ‘दक्षिण भारत की गंगा’ के नाम से जाना जाता है। कावेरी नदी जल-विवाद मुख्यत: कर्नाटक तथा तमिलनाडु के बीच है।
  • कृष्णा: उद्गम महाबलेश्वर से होता है। पेन्नार बेसिन कृष्णा और कावेरी नदी के बीच स्थित है।
  • महानदी: इसका उद्गम छत्तीसगढ़ बेसिन से होता है (सोन और महानदी अमरकंटक से निकलती हैं)।