मुस्लिम लीग (1906)

गठन का वर्ष: 30 दिसम्बर 1906 (ढाका में)
स्वरूप: एक राजनीतिक दल
विशेष: यह भारत का द्वितीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल था (प्रथम काँग्रेस थी)।

A. 1906 में भारत की स्थिति एवं ढाका बैठक

  • बंगाल विभाजन का प्रभाव: 1906 में बंगाल विभाजन के बाद हिन्दू पूर्णतः इसके विरोध में थे, जबकि 90% मुस्लिम इससे खुश (Happy) थे और केवल 10% विरोध में थे।
  • बैठक का आयोजन: पूर्वी बंगाल (ढाका) में मुस्लिम नेताओं ने एक बैठक बुलाई, जो ‘मोहम्मडन एंग्लो एजुकेशनल कांफ्रेंस (ढाका)’ के रूप में हुई।
  • आयोजक: इस बैठक को नवाब सलीमुल्लाह खाँ और नवाब वकार-उल-मुल्क ने बुलाया था।
  • नेतृत्वकर्ता: नवाब सलीमुल्लाह खाँ।
  • अन्य प्रमुख नेता: नवाब वकार-उल-मुल्क, आगा खाँ, मुस्तफा चौधरी, खान बहादुर गुलाम, सैय्यद अमीर अली।

बैठक के मुख्य उद्देश्य:

  • मुसलमानों के लिए अलग राजनीतिक दल बने।
  • चुनाव में भागीदारी और सामाजिक विकास।
  • पृथक निर्वाचन क्षेत्र की मांग और शैक्षणिक विकास।

B. अंग्रेजों की चाल और शिमला बैठक

अंग्रेजों की स्थिति यह थी कि हिन्दू उनसे नाराज थे, इसलिए वे चाहते थे कि किसी भी तरह मुसलमानों को अंग्रेजों के पक्ष में रखा जाय। जब नये वायसराय लॉर्ड मिन्टो को ढाका बैठक का पता चला, तो उन्होंने अपने निजी सचिव डनलप स्मिथ से अलीगढ़ कॉलेज के प्रिंसिपल आर्चीबोल्ड से संपर्क किया。

इसके परिणामस्वरूप, 15 सदस्यीय मुस्लिम शिष्टमंडल ने शिमला में लॉर्ड मिन्टो से मुलाकात की, जहाँ मुस्लिम लीग के गठन की स्वीकृति मिली। इस बैठक में आगा खाँ और लॉर्ड मिन्टो के बीच कुछ माँगें और शर्तें रखी गईं –

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मुस्लिम पक्ष की माँगें (आगा खाँ) अंग्रेजों की शर्तें (लॉर्ड मिन्टो)
1. लीग को राजनीतिक दल की मान्यता मिले।
2. मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र
3. शिक्षण संस्थानों के लिए आर्थिक मदद।
4. जनसंख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व।
1. मुसलमानों को ब्रिटिश हुकूमत के प्रति निष्ठावान रहना होगा।
2. ब्रिटिश सरकार के सभी नीति-नियमों का पूर्ण समर्थन करना होगा।
3. मुसलमानों में अन्य धर्म के प्रति असहिष्णुता एवं कटुता के प्रसार को रोकना होगा।

C. मुस्लिम लीग का गठन और कार्यपद्धति

  • गठन: 30 Dec 1906 को ढाका में मुस्लिम लीग का गठन हुआ।
  • कार्यपद्धति: यह काँग्रेस से प्रेरित थी और पूर्णतः काँग्रेस की तरह ही काम करने वाली थी।
  • मुस्लिम लीग का संविधान 1907 में लागू हुआ (जबकि काँग्रेस का संविधान 1908 में लागू हुआ था)।

D. मुस्लिम लीग के महत्वपूर्ण अधिवेशन

1907 का अधिवेशन

  • अध्यक्ष: आगा खाँ।
  • स्थान: कराची।
  • प्रमुख तथ्य: इस अधिवेशन में मुस्लिम लीग का संविधान अपनाया गया।

1908 का अधिवेशन

  • अध्यक्ष: सैय्यद अली इमाम।
  • स्थान: अमृतसर।
  • प्रमुख तथ्य (मांगें एवं चर्चा):
    • मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन की मांग की गई।
    • मुसलमानों के शैक्षणिक पिछड़ेपन को दूर करने की चर्चा हुई।
    • भारत के सभी मुस्लिम नेताओं से काँग्रेस छोड़ मुस्लिम लीग में शामिल होने का आह्वान किया गया।

E. परीक्षा उपयोगी विविध तथ्य (VVI Points)

💡 मोहम्मद अली जिन्ना से जुड़े तथ्य

  • 1906 में INC (काँग्रेस) में दादाभाई नौरोजी के निजी सचिव के रूप में शामिल हुए थे।
  • वे गुजराती मूल के थे और पेशे से वकील थे।
  • उनकी प्रारंभिक विचारधारा उदारवादी थी।
  • वे 1913 में मुस्लिम लीग में शामिल हुए।
NOTE: मुस्लिम लीग की पृष्ठभूमि की चर्चा W.W. Hunter की पुस्तक ‘Indian Musalmans’ में मिलती है।