मुज़फ्फरपुर बम कांड (1908)

तिथि: 30 अप्रैल 1908
स्थान: मुज़फ्फरपुर
प्रमुख क्रांतिकारी: खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी

A. पृष्ठभूमि (किंग्सफोर्ड कौन था?)

  • किंग्सफोर्ड कलकत्ता के न्यायाधीश थे।
  • वह क्रांतिकारियों को कठोर सजा और शारीरिक दंड दिया करते थे।
  • किंग्सफोर्ड के इस काम से अंग्रेज बहुत खुश थे, जिसके फलस्वरूप उन्हें प्रमोशन दिया गया।
  • प्रमोशन के बाद उन्हें मुज़फ्फरपुर का जिला दंडाधिकारी (District Magistrate) बनाया गया।

B. बम कांड की योजना

  • बंगाल की ‘युगांतर समिति’ ने किंग्सफोर्ड से बदला लेने की योजना बनाई।
  • इस योजना में अरबिंदो घोष का प्रमुख हाथ था।
  • अरबिंदो घोष के कहने पर ही इस काम के लिए दो युवा क्रांतिकारियों को चुना गया: 1. खुदीराम बोस और 2. प्रफुल्ल चाकी

C. 30 अप्रैल 1908 की घटना

  • 30 April 1908 को खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी ने किंग्सफोर्ड की गाड़ी पर बम फेंका।
  • लेकिन दुर्भाग्यवश उनका निशाना चूक गया।
  • उस गाड़ी में प्रिंगले कैनेडी की पत्नी और बेटी सवार थीं, जिनकी इस बम धमाके में मृत्यु हो गई।
  • घटना को अंजाम देने के बाद दोनों क्रांतिकारी वहाँ से भाग निकले।

D. प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस का क्या हुआ?

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प्रफुल्ल चाकी खुदीराम बोस
अंग्रेजों के हाथों पकड़े जाने से बचने के लिए उन्होंने खुद को गोली मार ली • खुदीराम बोस घटनास्थल से लगभग 35 मील दूर भागकर पूसा (वैनी रेलवे स्टेशन) पहुँचे।
• वहाँ उन्होंने रेडियो पर खबर सुनी और उनके मुँह से अचानक निकल पड़ा- “क्या? किंग्सफोर्ड नहीं मरा??”
• इस आवाज से पुलिस को खबर लग गई और अंततः खुदीराम बोस पकड़े गए।

E. खुदीराम बोस को फाँसी एवं महत्त्वपूर्ण तथ्य (VVI Points)

💡 फाँसी और शहादत से जुड़े तथ्य

  • खुदीराम बोस को 11 August 1908 को फाँसी की सजा दी गई।
  • उन्हें मुज़फ्फरपुर सेन्ट्रल जेल में फाँसी दी गई।
  • वर्तमान में इस जेल का नाम बदलकर ‘खुदीराम बोस सेन्ट्रल जेल (मुज़फ्फरपुर)’ कर दिया गया है।
  • सबसे कम उम्र: खुदीराम बोस भारत के इतिहास में सबसे कम उम्र के व्यक्ति थे जिन्हें फाँसी की सजा मिली थी (मात्र 18 वर्ष की आयु में)।
  • प्रसिद्ध गीत: उनकी इस महान शहादत पर पितांबर दास ने एक प्रसिद्ध गीत “एक बार विदाये दे माँ” की रचना की थी।