यूरोपियों का आगमन एवं ब्रिटिश सत्ता की स्थापना

आगमन का क्रम: भारत में यूरोपीय शक्तियों के आने का सही क्रम है – पुर्तगाली ➔ डच ➔ अंग्रेज ➔ डेन ➔ फ्रांसीसी
प्रथम एवं अंतिम: भारत में सबसे पहले पुर्तगाली आये और स्वतंत्रता-पूर्व भारत में व्यापारी के रूप में सबसे अंत में फ्रांसीसी आये।

A. पुर्तगालियों का आगमन (Portuguese)

  • समुद्री मार्ग की खोज: भारत तक समुद्री मार्ग की खोज पुर्तगाली यात्री वास्कोडिगामा ने की। वह 20 मई 1498 को भारत के पश्चिमी तट पर स्थित बंदरगाह कालीकट पहुँचा, जहाँ राजा जमोरिन ने उसका स्वागत किया।
  • प्रथम वायसराय: 1505 ई. में फ्रांसिस्को डी अल्मोड़ा भारत में प्रथम पुर्तगाली वायसराय एवं गवर्नर बनकर आया।
  • वास्तविक संस्थापक: भारत में पुर्तगाली साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक अल्फांसो डी अल्बुकर्क को माना जाता है।
  • गोवा पर कब्ज़ा: अल्बुकर्क ने 1510 ई. में बीजापुर के सुल्तान से गोवा को छीन लिया था। (नोट: 15 अगस्त 1947 के बाद भी भारत का गोवा भाग पुर्तगाल के अधीन बना रहा)।
  • प्रथम दुर्ग/फैक्ट्री: पुर्तगालियों ने भारत में अपना प्रथम दुर्ग कोचीन में स्थापित किया।
  • समुद्री लूटपाट: पुर्तगालियों ने हुगली (बंगाल की खाड़ी) को समुद्री लूटपाट के लिए अपना अड्डा बनाया था।

B. डच और फ्रांसीसी (Dutch & French)

डच (Dutch – नीदरलैंड)

  • भारत के साथ व्यापार के लिए सर्वप्रथम संयुक्त पूँजी कम्पनी (Joint Stock Company) डचों ने ही आरम्भ की थी।
  • डचों ने अपनी पहली फैक्ट्री 1605 ई. में मुसलीपट्टम में स्थापित की।
  • डच ईस्ट इंडिया कंपनी ने पटना में अपनी फैक्ट्री 1632 ई. में स्थापित की।

फ्रांसीसी (French)

  • फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कम्पनी की स्थापना लुई चौदहवें के शासनकाल में हुई थी।
  • भारत में फ्रांसीसियों ने अपना सबसे पहला कारखाना सूरत में लगाया।
  • वांडीवाश का युद्ध (1760): यह वह निर्णायक युद्ध था जिसमें फ्रांसीसी हार गए और अंग्रेजों की सर्वोच्चता स्थापित हो गई। इस युद्ध में फ्रांसीसी सेनापति काउंट लाली पराजित हुआ था।

C. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी (British EIC)

  • स्थापना के समय बादशाह: लंदन में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी के गठन के समय (1600 ई.) भारत का बादशाह अकबर था।
  • कम्पनी का प्रथम गवर्नर टॉमस स्मिथ था।
  • जहाँगीर का दरबार: ब्रिटिश राजदूत कैप्टन हॉकिन्स जहाँगीर के दरबार में आया, जिसे जहाँगीर ने ‘खान’ की उपाधि से सम्मानित किया। सर टॉमस रो ने भी जहाँगीर के दरबार में भेंट की थी।
  • सूरत में फैक्ट्री: 1613 ई. में अंग्रेजों ने अपनी पहली स्थायी फैक्ट्री सूरत में स्थापित की (जहाँगीर की अनुमति से)।
  • कलकत्ता की स्थापना: कलकत्ता शहर का संस्थापक जॉब चारनॉक था।
  • विशेष फरमान: 1717 ई. में मुगल सम्राट फर्रुखसियर ने अंग्रेजों की ईस्ट इंडिया कंपनी को व्यापार में विशेषाधिकार प्रदान करने का फरमान जारी किया।

D. प्रमुख युद्ध: प्लासी और बक्सर

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युद्ध का नाम एवं वर्ष किसके मध्य लड़ा गया / परिणाम
प्लासी का युद्ध (1757) यह युद्ध बंगाल में लड़ा गया। इसमें रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व में अंग्रेजों ने बंगाल के नवाब सिराज-उद्दौला को पराजित किया। इसे भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की स्थापना का निर्णायक युद्ध माना जाता है।
बक्सर का युद्ध (1764) यह सबसे अधिक निर्णायक युद्ध था जिसने अंग्रेजों के भारत में प्रभुत्व को संस्थापित किया। इस समय दिल्ली का शासक शाह आलम द्वितीय और बंगाल का नवाब मीर जाफर था।
  • इलाहाबाद की संधि (1765): इस संधि के बाद मुगल सम्राट ने ईस्ट इंडिया कम्पनी को बंगाल, बिहार तथा ओडिशा की दीवानी (राजस्व अधिकार) प्रदान कर दी।
  • रॉबर्ट क्लाइव ने मुर्शिदाबाद का उप-दीवान मुहम्मद रजा खान को बनाया।
  • बंगाल के नवाब मीर कासिम ने अपनी राजधानी मुर्शिदाबाद से हटाकर मुंगेर स्थानांतरित की थी।

E. मैसूर तथा सिख राज्य

मैसूर राज्य (टीपू सुल्तान एवं हैदर अली)

  • प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध (1766-69 ई.) में हैदर अली विजयी हुआ था।
  • टीपू सुल्तान ने अपनी राजधानी श्रीरंगपट्टनम् बनाई थी।
  • टीपू सुल्तान वह भारतीय शासक था जिसने विदेशों में आधुनिक पद्धति से दूतावास स्थापित किए थे।
  • ब्रिटिश जनरल सर आयर कूट ने हैदर अली को पोर्टो नोवो के युद्ध में हराया था।

सिख राज्य (महाराजा रणजीत सिंह)

  • महाराजा रणजीत सिंह के राज्य की राजधानी लाहौर थी।
  • इनके उत्तराधिकारी खड़गसिंह थे।
  • सिख राज्य का अंतिम राजा दलीप सिंह था।

F. परीक्षा उपयोगी विविध तथ्य (VVI)

💡 वन-लाइनर फैक्ट्स

  • कम्पनियों की स्थापना वर्ष: पुर्तगाली EIC (1498 ई.), ब्रिटिश EIC (1600 ई.), डच EIC (1602 ई.), और फ्रेंच EIC (1664 ई.)।
  • अफीम और शोरा: बिहार वह क्षेत्र था जहाँ से यूरोपवासियों को सर्वोत्तम शोरा और अफीम प्राप्त होता था।
  • कर्नाटक युद्ध: यह युद्ध अंग्रेजों और फ्रांसीसियों के मध्य लड़ा गया था। प्रथम कर्नाटक युद्ध का तात्कालिक कारण ‘अंग्रेजों द्वारा फ्रांसीसी जहाजों का अधिग्रहण’ था।
  • बसीन की संधि (1802): यह संधि अंग्रेज तथा पेशवा बाजीराव-II के मध्य हुई थी।
  • 18वीं सदी के युद्धों का सही कालानुक्रम: अम्बा युद्ध ➔ प्लासी युद्ध ➔ वांडीवाश युद्ध ➔ बक्सर युद्ध।
  • सरधना में बेगम समरु ने एक अति प्रसिद्ध चर्च का निर्माण करवाया था।