अहमदाबाद मिल मजदूर आन्दोलन (1918)

वर्ष: 1918।
स्थान: गुजरात।
ऐतिहासिक महत्व: यह महात्मा गाँधी का प्रथम सफल भूख-हड़ताल (First successful hunger strike) था।

A. आन्दोलन की पृष्ठभूमि और कारण

  • वर्ष 1916 से 1918 के बीच गुजरात में भीषण प्लेग महामारी फैली थी, जिसके कारण मजदूर अपने प्रांत वापस लौट गए थे।
  • 1918 में जब प्लेग महामारी समाप्त हुई और मजदूर वापस काम पर आने लगे, तो मिल मालिकों ने बोनस समाप्त करने की घोषणा कर दी।
  • बोनस खत्म किए जाने के विरोध में मजदूरों ने 1918 में हड़ताल की घोषणा कर दी।
  • उसी समय प्रथम विश्वयुद्ध भी समाप्त हुआ था, जिससे देश में महँगाई और बेरोजगारी बढ़ गई थी तथा अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई थी।
  • ऐसी स्थिति में बोनस समाप्त होने से मजदूरों का जीवन यापन बहुत मुश्किल हो रहा था।
  • NCERT का तथ्य: उस समय महिलाओं और बच्चों से 12-15 घंटे काम लिया जाता था और उन्हें केवल 5 रुपये प्रति माह वेतन मिलता था।

B. विवाद और गाँधी जी का प्रवेश

  • मिल मालिक मजदूरों को 0% बोनस देना चाहते थे।
  • एक प्रमुख मिल मालिक अम्बालाल साराभाई ने 20% बोनस का प्रस्ताव दिया, जो मुख्य विवाद का कारण बना।
  • अम्बालाल साराभाई की बहन अनसूइया बेन ने मजदूरों का साथ दिया और 50% बोनस की मांग की।
  • इस विवाद को सुलझाने के लिए महात्मा गाँधी ने 22 फरवरी 1918 को इस आंदोलन में प्रवेश किया।

C. भूख हड़ताल और सुलह (परिणाम)

  • 15 मार्च 1918 को महात्मा गाँधी ने मजदूरों के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू कर दी।
  • इस भूख हड़ताल में लगभग 1 लाख मजदूर शामिल हुए।
  • अंततः मिल मालिकों को झुकना पड़ा और दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई।
  • समझौते के तहत मजदूरों को 35% बोनस देने पर सहमति बनी।

D. संगठन का निर्माण एवं गाँधी जी का नवाचार

  • इस सफल आंदोलन के बाद महात्मा गाँधी ने अहमदाबाद टेक्सटाईल लेबर ऐसोसिएशन (Ahmedabad Textile Labour Association) की स्थापना की।
  • इस नवगठित ऐसोसिएशन का अध्यक्ष अनसूइया बेन को बनाया गया।

💡 Gandhian Innovation (गाँधी का नवाचार)

  • अर्थ: इसका तात्पर्य है- कम निवेश (Low Investment) करके ज्यादा उत्पादन (More Production) करना और अधिक रोजगार (More Employment) पैदा करना।
  • शब्द किसने दिया? यह शब्द प्रो. सी.के. प्रह्लाद (Prof. C.K. Prahalad) और आर.ए. माशेलकर (R.A. Mashelkar) द्वारा दिया गया था।

E. नोट्स में दिए गए अन्य विविध तथ्य (चंपारण से जुड़े)

नोट: आपके नोट्स में चंपारण सत्याग्रह से जुड़े कुछ अतिरिक्त तथ्य भी शामिल थे, जो परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

चंपारण कृषिय जाँच समिति (7 सदस्य)

इस समिति में कुल 7 सदस्य थे:

  1. महात्मा गाँधी
  2. राजा हरि प्रसाद नारायण सिंह
  3. डी. जे. रीड (D.J. Reid)
  4. एल. सी. अदामी (L.C. Adami)
  5. जी. रैनी (G. Rainy)
  6. अध्यक्ष: एफ. जी. सलाई (F.G. Sly)
  7. सचिव: एम. ई. एल. टेन्नर (M.E.L. Tanner)

महत्वपूर्ण कथन

  • पीर मोहम्मद मुनीस ने किसानों की दुर्दशा का वर्णन करते हुए छद्मनाम से लिखा था- “दुखी, दुखी आत्मा और दुखी हृदय”