14. कृषि तथा सिंचाई के साधन (Agriculture and Irrigation)
प्रथम विश्वविद्यालय: देश में प्रथम कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना 1960 ई. में हुई थी। देश का पहला कृषि विश्वविद्यालय ‘जी. बी. पी. ए. यू., पंतनगर’ है।
A. भारत की प्रमुख कृषि क्रांतियाँ (Agricultural Revolutions)
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| क्रांति का नाम | सम्बन्धित क्षेत्र / उत्पादन |
|---|---|
| हरित क्रांति (Green Revolution) | कृषि की आधुनिक विधियों का उपयोग कर प्रति एकड़ फसल की उपज बढ़ाना। यह मुख्यत: गेहूँ उत्पादन से सम्बन्धित है। |
| श्वेत क्रान्ति (White Revolution) | दुग्ध उत्पादन से (ऑपरेशन फ्लड)। |
| नीली क्रान्ति (Blue Revolution) | मत्स्य उत्पादन से। |
| पीत क्रांति (Yellow Revolution) | तिलहन उत्पादन से। |
| गुलाबी क्रान्ति (Pink Revolution) | झींगा उत्पादन से। |
| गोल क्रान्ति (Round Revolution) | आलू उत्पादन से। |
| काली क्रांति (Black Revolution) | कच्चा तेल उत्पादन से। |
💡 क्रांति के जनक (Fathers of Revolutions)
- हरित क्रांति के जनक (विश्व में): नार्मन अर्नेस्ट बोरलॉग (संयुक्त राज्य अमेरिका से)।
- भारत में हरित क्रांति के जनक: डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन।
- श्वेत क्रांति के जनक: डॉ. वी. कुरियन।
B. प्रमुख फसलें एवं अग्रणी राज्य
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| फसल / उत्पाद | अग्रणी उत्पादक राज्य / स्थान |
|---|---|
| चावल | प. बंगाल (सबसे बड़ा उत्पादक)। कृष्णा-गोदावरी डेल्टा को ‘भारत का चावल का कटोरा’ कहा जाता है। |
| गेहूँ | उत्तर प्रदेश (सबसे ज्यादा पैदावार)। गेहूँ के प्रथम तीन बड़े उत्पादक: उ. प्र., पंजाब व हरियाणा हैं। |
| जूट / पटसन | प. बंगाल प्रमुख उत्पादक है। जूट का सर्वाधिक क्षेत्रफल पश्चिम बंगाल राज्य में है। |
| चाय | सबसे ज्यादा चाय असम में पैदा होती है। सर्वोत्तम चाय दार्जिलिंग में पैदा होती है। दक्षिण भारत में सर्वाधिक चाय उत्पादक राज्य तमिलनाडु है। |
| कॉफी (कहवा) | सबसे अधिक उत्पन्न करने वाला राज्य कर्नाटक है। कुर्ग जिले में कॉफी का अधिक उत्पादन होता है। |
| गन्ना | भारत का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश है। |
| प्राकृतिक रबड़ | सबसे अधिक उत्पादन केरल में होता है। |
| मूँगफली | भारत का सबसे बड़ा मूँगफली उत्पादक राज्य गुजरात है। |
| सोयाबीन | भारत का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश है। |
| काजू | काजू का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य केरल है। |
| दालें | मध्य प्रदेश विशालतम उत्पादक है। |
| केसर | सबसे अधिक मात्रा में जम्मू-कश्मीर से मिलता है। |
| रेशम | सबसे अधिक उत्पादन करने वाला राज्य कर्नाटक है (सम्पूर्ण रेशम उत्पादन का आधा भाग)। |
| दूध उत्पादन | भारत में अग्रणी राज्य उत्तर प्रदेश है। |
| मसाले | केरल राज्य विश्व भर में गरम मसाले के संवर्धन के लिए जाना जाता है और इसे ‘मसालों का बागान’ कहा जाता है। |
C. कृषि से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य (VVI Facts)
- सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन: भारत का सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है।
- विश्व में भारत का स्थान: फल उत्पादन में भारत का विश्व में प्रथम स्थान है। सब्जी उत्पादन में द्वितीय स्थान है। दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान है।
- धान्य भण्डार: पंजाब राज्य को ‘भारत का धान्य भण्डार’ के रूप में जाना जाता है।
- वाणिज्यिक फसलें: भारत की प्रमुख वाणिज्यिक फसलें कपास, तिलहन, जूट और गन्ना हैं।
- मिश्रित कृषि: मिश्रित कृषि में ‘कई तरह की फसलें उगाना तथा पशुपालन भी करना’ सम्मिलित है।
- समानांतर फसल: गेहूँ + सरसों ‘समानांतर फसल’ का एक उदाहरण है।
- झूम: झूम कृषि का एक तरीका है।
- भारतीय कृषि का इतिहास: ‘भारतीय कृषि का इतिहास’ एम. एस. रन्धावा ने लिखा।
- हरित क्रांति का पादप: हरित क्रांति में प्रयुक्त मुख्य पादप (फसल) मेक्सिकन गेहूँ था।
- जीरो टिल बीज: जीरो टिल बीज एवं उर्वरक ड्रिल ‘जी. बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर’ में विकसित किया गया था।
- एग्रो-इकोलॉजिकल जॉन्स: भारत में एग्रो-इकोलॉजिकल जॉन्स (कृषि पारिस्थितिकीय क्षेत्रों) की कुल संख्या 20 है। पी. सेन गुप्ता और जी सदासयुक (1968) ने भारत को 60 लघु कृषि प्रदेशों में बाँटा था।
- हरी खाद: नई सुधारी गई ऊसर में हरी खाद के लिए उपयुक्त फसल लोबिया है।
भारत में सिंचाई के साधन (Irrigation in India)
सिंचाई भागीदारी: देश के कुल सिंचित क्षेत्र में कुओं और नलकूपों की भागीदारी 56% है। नहरों की भागीदारी 31.1% है, और तालाब सिंचाई की भागीदारी 6% है।
हरियाली योजना: ‘हरियाली योजना’ जल-प्रबंधन (बंजर भूमि के विकास के लिए जल-संग्रहण) से सम्बन्धित है।
D. सिंचाई से जुड़े प्रमुख तथ्य एवं नहरें
सिंचाई के अग्रणी राज्य एवं क्षेत्र
- नलकूपों से सिंचाई: नलकूपों की सर्वाधिक संख्या उत्तर प्रदेश में है। भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में सर्वाधिक सिंचाई नलकूपों से होती है।
- नहर द्वारा सिंचाई: भारत में नहर द्वारा सिंचाई में अग्रणी राज्य पंजाब है। भारत में सर्वाधिक सिंचाई विस्तार (प्रतिशत) वाला राज्य पंजाब है।
- तालाब द्वारा सिंचाई: भारत के दक्षिणी भाग में तालाब का सिंचाई के साधन के रूप में सर्वाधिक प्रयोग होता है। तमिलनाडु का सर्वाधिक कृषि क्षेत्र तालाबों द्वारा सिंचित किया जाता है।
- कुओं और नलकूपों से सिंचाई: कुओं और नलकूपों द्वारा सिंचाई में अग्रणी राज्य गुजरात है।
- असिंचित खेती: भारत के दक्कन के पठार क्षेत्र में अत्यधिक असिंचित खेती की जाती है।
- सिंचाई क्षमता: भारत की सिंचाई क्षमता का 47.78 प्रतिशत तथा सर्वाधिक भाग ‘लघु एवं वृहद् परियोजनाओं’ से पूरा होता है।
भारत की प्रमुख नहरें
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| नहर का नाम | जल स्रोत / उद्गम | विशेष तथ्य |
|---|---|---|
| इन्दिरा गाँधी नहर (राजस्थान नहर) | सतलज नदी से | यह भारत में सबसे लम्बी सिंचाई नहर है। इसका निर्माण कार्य वर्ष 1958 से प्रारम्भ हुआ और उद्गम स्थल सतलज नदी पर हरिके बाँध से है। |
| गंगनहर | – | यह विश्व की सबसे पुरानी व विकसित नहर व्यवस्था भारत में है। इसका निर्माण गंग सिंह जी ने 1927 ई. में करवाया था। |
| निचली गंग नहर | गंगा पर | इसका उद्गम स्थल नरौरा में है। |
| सारण (Saran) सिंचाई नहर | गंडक से | गंडक नदी से निकलती है। |
| त्रिवेणी नहर | गंडक से | इस नहर में गंडक नदी से पानी आता है। |
सिंचाई व्यवस्था से जुड़े प्रमुख व्यक्ति
- सर ऑर्थर कॉटन: दक्षिण भारत में ‘सिंचाई व्यवस्था का अग्रदूत’ सर ऑर्थर कॉटन को माना जाता है।
- दिनशा जे. दस्तूर: भारत में माला नहर तंत्र को दिनशा जे. दस्तूर ने प्रस्तावित किया था।