प्राचीन साहित्य (Ancient Literature)
प्रसिद्ध पुस्तक: ‘हिस्टोरिका’ (Historica) हेरोडोटस की ही प्रसिद्ध पुस्तक है।
A. राजतरंगिणी और ऐतिहासिक ग्रन्थ
- राजतरंगिणी: कल्हण द्वारा रचित यह पुस्तक कश्मीर के इतिहास से सम्बंधित है।
- शासक: ‘राजतरंगिणी’ के लेखक कल्हण के समय कश्मीर का शासक जयसिंह था।
- तरंगों की संख्या: इसमें कुल 8 तरंग तथा 7826 श्लोक हैं। पहले तीन तरंगों में अत्यंत प्राचीन काल, चौथे व छठे में कार्कोट तथा उत्पल वंश, और सातवें व आठवें तरंगों में लोहार वंश का इतिहास है।
- विस्तार: कल्हण की ‘राजतरंगिणी’ को जोनराज एवं श्रीवर ने आगे बढ़ाया।
- मुद्राराक्षस: इसका लेखक विशाखदत्त है। इसमें मुख्यत: चंद्रगुप्त मौर्य के जीवन पर प्रकाश डाला गया है।
- अष्टाध्यायी: यह प्रसिद्ध संस्कृत व्याकरण ग्रन्थ पाणिनि द्वारा लिखा गया है।
B. बौद्ध एवं अन्य प्रमुख साहित्य
- मिलिंदपन्हो: यह एक पाली ग्रन्थ है। यह हिन्द-यवन शासक मिनांडर (मिलिंद) और एक बौद्ध भिक्षु नागसेन के मध्य संवाद रूप में है।
- सौन्दरानन्द: यह रचना अश्वघोष की है, जो कुषाण शासक कनिष्क के राजकवि थे।
- गीत गोविन्द: इसके रचयिता जयदेव हैं, जो बंगाल के अंतिम सेन शासक लक्ष्मण सेन के आश्रित महाकवि थे।
- पंचतंत्र: यह मूलरूप से विष्णुदत्त शर्मा द्वारा लिखी गई। यह प्राचीन भारत का वह ग्रन्थ है जिसका 15 भारतीय एवं 40 विदेशी भाषाओं में अनुवाद हुआ।
C. विज्ञान, गणित एवं चिकित्सा संबंधी ग्रन्थ
- चरक संहिता: यह पुस्तक चिकित्सा विषय से सम्बंधित है।
- लीलावती: गणित की इस प्रसिद्ध पुस्तक के लेखक भास्कराचार्य थे।
- आर्यभट्ट: ये भारतीय गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री थे। अपनी पुस्तक ‘आर्यभट्टीय’ में इन्होने बताया कि सूर्य स्थिर है और पृथ्वी घूमती है।
- बीजगणित: बीजगणित के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए भास्कर को विशेष रूप से जाना जाता है।
- शून्य का आविष्कार: शून्य का आविष्कार भारतीयों ने किया था।
- पंचसिद्धांतिका: वराहमिहिर की यह रचना यूनानी ज्योतिर्विद्या पर आधारित है।
D. गुप्तकाल की महत्त्वपूर्ण रचनाएँ (एक दृष्टि में)
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| रचना | लेखक / रचयिता |
|---|---|
| अभिज्ञानशाकुंतलम्, मेघदूत, कुमारसंभव, रघुवंशम, ऋतुसंहारम् | कालिदास |
| मुद्राराक्षस | विशाखदत्त |
| चरक संहिता | चरक |
| दशकुमार चरित (दशकुमारचरितम्) | दण्डिन (दण्डी) |
| ब्रह्म सिद्धांत, आर्यभट्टीयम | आर्यभट्ट |
| उरुभंग, चारुदत्तम्, स्वप्नवासवदत्तम | भास |
| पंचतंत्र | विष्णुदत्त शर्मा |
| वृहत् संहिता | वराहमिहिर |
| मृच्छकटिकम् | शूद्रक |
| अमरकोष | अमर सिंह |
E. परीक्षा उपयोगी अन्य महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ एवं तथ्य (VVI)
💡 साहित्य और उनके रचनाकार
- पृथ्वीराज रासो: इसके रचयिता चंदबरदाई थे।
- संस्कृत ग्रंथ ‘पृथ्वीराज विजय’: इसके लेखक जयानक हैं।
- मालविकाग्निमित्र: कालिदास द्वारा रचित इस नाटक का नायक अग्निमित्र था।
- हर्षवर्धन की रचनाएँ: नागानंद, रत्नावली एवं प्रियदर्शिका के रचयिता हर्षवर्धन थे।
- शिलप्पा दिकारम: इस प्राचीन ग्रंथ का लेखक इलंगो था।
- मत्तविलास प्रहसन: इसके लेखक महेंद्र वर्मन थे।
- गाथा सप्तशती: इस मुक्तक काव्य की रचना हाल ने की थी।
- विश्वकोषीय ग्रन्थ: ‘वृहत् संहिता’ को विश्वकोषीय ग्रन्थ कहा जाता है।
- मनुस्मृति: यह प्राचीन ग्रन्थ मुख्यतया समाज व्यवस्था से सम्बंधित है। प्राचीनकाल के महान् विधि-निर्माता मनु थे।
महाभारत का प्रसिद्ध कथन: “जो यहाँ है वह अन्यत्र भी है, जो यहाँ नहीं है वह कहीं नहीं है।” यह कथन महाभारत ग्रन्थ में कहा गया है।