प्राचीन भारत की कला एवं संस्कृति (Art & Culture)

भारतीय इतिहास में प्राचीन काल की कला, वास्तुकला, मंदिर निर्माण शैलियों और गुफाओं का अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान है। आइए परीक्षा की दृष्टि से सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्नों और तथ्यों का अध्ययन करें।

A. अजंता और एलोरा की गुफाएँ

  • स्थान: अजंता और एलोरा की गुफाएँ महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित हैं।
  • अजंता की गुफाएँ: इनका निर्माण गुप्तों के काल में किया गया था। अजंता में मुख्यत: बौद्ध धर्म की महायान शाखा से सम्बन्धित चित्र हैं।
  • एलोरा की गुफाएँ: इनका निर्माण राष्ट्रकूटों ने कराया था। यहाँ हिन्दुओं, बौद्धों और जैनों तीनों धर्मों की गुफाएँ और शैलकृत मंदिर एक साथ विद्यमान हैं।
  • कैलाश मंदिर (एलोरा): एलोरा के प्रसिद्ध कैलाश मंदिर का निर्माण राष्ट्रकूट शासक कृष्ण-I ने करवाया था।

B. भारतीय मंदिर वास्तु की शैलियाँ

  • मुख्य तीन शैलियाँ: नागर, द्रविड़ और बेसर भारतीय मंदिर वास्तु की तीन मुख्य शैलियाँ हैं।
  • नागर शैली: मंदिरों की उत्तरी शैली नागर रूप में जानी जाती है (जैसे- भुवनेश्वर तथा पुरी के मंदिर)।
  • विमान शैली: मंदिर निर्माण-कला में ‘विमान शैली’ का प्रचलन चोल वंश के शासन काल में हुआ। अधिकांश चोलकालीन मंदिर शिव देवता को समर्पित हैं।
  • गोपुरम: द्रविड़ शैली के मंदिरों में ‘गोपुरम’ से तात्पर्य तोरण के ऊपर बने अलंकृत एवं बहुमंजिला भवन से है।
  • पंचायतन: भारत के सांस्कृतिक इतिहास के संदर्भ में ‘पंचायतन’ शब्द मंदिर रचना शैली को निर्दिष्ट करता है।

C. प्रमुख मंदिर और उनके निर्माणकर्ता

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मंदिर / स्थल निर्माणकर्ता / वंश विशेष तथ्य
खजुराहो के मंदिर चंदेल शासक यह हिन्दू धर्म और जैन धर्म दोनों से सम्बन्धित हैं। यहाँ का ‘कंदारिया महादेव मंदिर’ चंदेलों ने बनवाया, जबकि ‘मातंगेश्वर मंदिर’ शिव को समर्पित है।
कोणार्क का ‘सूर्य मंदिर’ नरसिंह देव वर्मन (चोडगंग) इसका निर्माण 1245 AD (13वीं शताब्दी) में हुआ। यह ओडिशा के पुरी में है। इसे ‘ब्लैक पैगोडा’ (Black Pagoda) भी कहा जाता है।
महाबलीपुरम् के मंदिर पल्लव वंश चट्टानों को काटकर बनाये गए। यहाँ ‘रथ मंदिरों’ का निर्माण नरसिंह वर्मन प्रथम द्वारा किया गया था।
महाबोधि मंदिर (बोधगया) अशोक बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र।
दिलवाड़ा के जैन मंदिर चालुक्य शासक आबू पर्वत (Mount Abu) पर स्थित यह जैन मंदिर संगमरमर से बने हैं।

D. भारत एवं विश्व के अन्य प्रमुख ऐतिहासिक स्थल

📍 प्रमुख स्थल और उनकी स्थिति (Location)

  • मोढेरा का सूर्य मंदिर: गुजरात में।
  • लिंगराज मंदिर: भुवनेश्वर (ओडिशा) में।
  • जगन्नाथ मंदिर: ओडिशा में (इसके गर्भ गृह में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा एवं बलभद्र की मूर्तियाँ लकड़ी की बनी हैं)।
  • उदयगिरि की गुफाएँ: पत्थर में कटी ये गुफाएँ ओडिशा में स्थित हैं।
  • मीनाक्षी मंदिर: मदुरई (तमिलनाडु) में।
  • गोमतेश्वर की मूर्ति: कर्नाटक में।
  • विरुपाक्ष मंदिर: हम्पी (कर्नाटक) में।
  • सोनागिरि (दिगम्बर जैन तीर्थस्थल): मध्य प्रदेश में।
  • नैमिषारण्य तीर्थ: सीतापुर (उ. प्र.) में।
  • पलिताना मंदिर: भावनगर (गुजरात) में।
  • कन्हेरी की गुफाएँ: महाराष्ट्र में (यहाँ 100 से अधिक बौद्ध गुफाएँ हैं)।
  • तक्षशिला (प्राचीन नगर): यह सिंधु तथा झेलम नदियों के मध्य स्थित था।

भारत के बाहर स्थित प्रमुख मंदिर

  • अंकोरवाट का विष्णु मंदिर: यह कम्बोडिया में स्थित है।
  • बोरोबुदूर स्तूप: यह जावा (इंडोनेशिया) में स्थित है।
  • पशुपतिनाथ मंदिर: यह नेपाल में स्थित है।

E. प्राचीन कला की शैलियाँ

  • गांधार शैली: कला की गांधार शैली कनिष्क के शासन काल में पनपी थी।
  • मिश्रण: कुषाण काल में भारतीय और ग्रीक (यूनानी) शैली के मिश्रण से विकसित कला विद्यालय को ही ‘गांधार कला’ के नाम से जाना जाता है।