आधुनिक भारत में शिक्षा का विकास

मुख्य उद्देश्य: स्वतंत्रता-पूर्व अवधि में ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत में आधुनिक शिक्षा के प्रसार का मुख्य उद्देश्य छोटे प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति हेतु शिक्षित भारतीयों की आवश्यकता की पूर्ति करना था।

A. प्रारंभिक शैक्षणिक संस्थान और उनके संस्थापक

  • प्रथम मदरसा: भारत में अंग्रेजों ने प्रथम मदरसा कलकत्ता (कोलकाता) में स्थापित किया था। इसकी स्थापना 1781 ई. में वारेन हेस्टिंग्स ने की थी।
  • प्रथम संस्कृत महाविद्यालय: वाराणसी में इसकी स्थापना जोनाथन डंकन ने की थी।
  • एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल: इसके संस्थापक सर विलियम जोंस थे।
  • हिंदू कॉलेज (कलकत्ता): डेविड हेयर और एलेक्जेंडर डफ के साथ मिलकर राजा राममोहन राय ने इसकी स्थापना की थी।
  • प्रथम इंजीनियरिंग कॉलेज: वर्ष 1847 ई. में रुड़की इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में भारत के प्रथम इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना जेम्स टॉमसन द्वारा की गई।
  • प्रथम महिला विश्वविद्यालय: बम्बई (मुंबई) में प्रथम महिला विश्वविद्यालय की स्थापना डी. के. कर्वे के सतत् प्रयत्नों से हुई थी।

B. शिक्षा प्रणाली, अधिनियम और प्रमुख सिद्धांत

  • चार्टर अधिनियम 1813: ब्रिटिश सरकार के इसी अधिनियम ने सबसे पहली बार भारत में शिक्षा के लिए एक लाख रुपए दिए थे।
  • अंग्रेजी शिक्षा: भारत में अंग्रेजी शिक्षा का आरंभ लॉर्ड विलियम कैवेंडिश बेंटिक के शासन काल में हुआ। लॉर्ड मैकाले का सम्बन्ध भी अंग्रेजी शिक्षा से है।
  • आधुनिक शिक्षा प्रणाली की नींव: यह 1835 के मैकाले के स्मरण-पत्र से पड़ी।
  • अधोमुखी निस्यंदन सिद्धांत: भारत के औपनिवेशिक काल में यह सिद्धांत (Downward Filtration Theory) शिक्षा के क्षेत्र से सम्बन्धित था।
  • भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा: वुड घोषणा-पत्र (चार्ल्स वुड का आदेश-पत्र) को ‘भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा’ कहा जाता है।

C. विश्वविद्यालय एवं अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

  • प्रथम तीन विश्वविद्यालय: भारत में प्रथम तीन विश्वविद्यालयों (कलकत्ता, मद्रास, बंबई) की स्थापना 1857 ई. में हुई थी। इनकी स्थापना लंदन विश्वविद्यालय की तर्ज पर की गई थी।
  • नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन: इसकी स्थापना 15 अगस्त, 1906 को हुई।
  • डेक्कन एजुकेशनल सोसाइटी: इसकी स्थापना से बी. जी. तिलक सम्बन्धित थे।
  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU): इसका शिलान्यास लॉर्ड हार्डिंग ने किया था।
  • भारतीय विश्वविद्यालयों में ‘धार्मिक शिक्षा’ के लिए प्रबल रूप से वकालत मदन मोहन मालवीय ने की थी।

D. प्रमुख शिक्षा आयोग व समितियाँ (VVI)

भारत में शिक्षा के सुधार एवं विकास के लिए समय-समय पर विभिन्न आयोगों का गठन किया गया:

💡 महत्वपूर्ण आयोगों के मुख्य बिंदु

  • हंटर कमीशन: इसकी रिपोर्ट में प्राथमिक शिक्षा के विकास पर विशेष जोर दिया गया।
  • सैडलर आयोग (1917 ई.): यह शिक्षा से सम्बन्धित था, जिसे शिक्षा के सुधार हेतु ‘सैडलर विश्वविद्यालय आयोग’ के रूप में नियुक्त किया गया था।
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समिति / आयोग गठन वर्ष गवर्नर जनरल / वायसराय
1. चार्ल्स डिस्पैच1854लॉर्ड डलहौजी
2. हंटर आयोग1882लॉर्ड रिपन
3. रैले आयोग1902लॉर्ड कर्जन
4. सैडलर आयोग1917लॉर्ड चेम्सफोर्ड
5. इंचकैप आयोग1923लॉर्ड रीडिंग
6. हार्टोग समिति1929लॉर्ड इरविन
7. लिंडसे आयोग1929लॉर्ड इरविन
8. सार्जेंट आयोग1944लॉर्ड वेवेल
9. राधाकृष्णन आयोग1948लॉर्ड माउंटबेटन