गवर्नर जनरल और वायसराय (Governors & Viceroys)
A. बंगाल के प्रारंभिक गवर्नर और गवर्नर-जनरल
- रॉबर्ट क्लाइव: इन्हें भारत (बंगाल) का पहला गवर्नर नियुक्त किया गया था। इनका कार्यकाल 1758-60 ई. और 1765-67 ई. की अवधि में रहा, जिसके दौरान असैनिक और सैनिक दोनों सुधार हुए।
- वारेन हेस्टिंग्स: ये 1774 ई. में बंगाल के प्रथम गवर्नर-जनरल नियुक्त हुए।
- कोलकाता में ‘एशियाटिक सोसाइटी’ की स्थापना इन्हीं के समय हुई।
- इन्होंने बंगाल में ‘द्वैध शासन प्रणाली’ को समाप्त किया।
- ‘सुरक्षा प्रकोष्ठ’ (Ring Fence) की नीति का संबंध वारेन हेस्टिंग्स से ही है।
- अन्यायपूर्ण कार्यों के कारण इन पर 1788 से 1795 ई. तक महाभियोग चलाया गया, किन्तु ब्रिटिश संसद ने इन्हें सभी दोषों से मुक्त कर दिया।
B. लॉर्ड कार्नवालिस और लॉर्ड वेलेजली
लॉर्ड कार्नवालिस
- इन्हें ‘भारतीय लोक सेवा आयोग का प्रवर्तक’ (Father of Civil Services) माना जाता है।
- भारत में न्यायिक संगठन की स्थापना कार्नवालिस ने ही की थी।
- इन्होंने 1793 ई. में भू-राजस्व की ‘स्थायी बंदोबस्त’ (इस्तमरारी) प्रणाली प्रारम्भ की।
- 1789 ई. में बंगाल से दासों के निर्यात पर रोक लगा दी गई।
- लॉर्ड कार्नवालिस की कब्र गाजीपुर में स्थित है।
लॉर्ड वेलेजली
- इन्होंने ‘सहायक संधि’ (Subsidiary Alliance) प्रणाली का सूत्रपात किया।
- प्रथम स्वीकारकर्ता: सहायक संधि को स्वीकार करने वाला पहला शासक ‘अवध का नवाब’ था।
- प्रथम मराठा: इसे स्वीकार करने वाला पहला मराठा सरदार पेशवा बाजीराव-II था (1802 ई. की ‘बसीन की संधि’ द्वारा)।
- लॉर्ड वेलेजली ने स्वयं को ‘बंगाल का शेर’ कहा था।
C. लॉर्ड विलियम बेंटिक, डलहौजी और एलनबरो
- लॉर्ड विलियम बेंटिक: इनके शासनकाल में 1829 ई. में ‘सती प्रथा’ पर पाबंदी लगाई गई। इन्हीं के समय कैप्टन स्लीमैन के नेतृत्व में ‘ठगों का उन्मूलन’ हुआ।
- लॉर्ड एलनबरो: 1843 ई. में सिंध विजय सम्पन्न हुई और ब्रिटिश ने सिंध पर कब्ज़ा किया। 1843 ई. के एक्ट-V द्वारा भारत में ‘दास प्रथा’ का उन्मूलन किया गया।
लॉर्ड डलहौजी (वास्तविक नाम: जेम्स एंड्रूज रैमजे)
- यह ‘हड़प नीति’ (Doctrine of Lapse) का कट्टर समर्थक था।
- इस नीति के तहत 1848 में सबसे पहले सतारा रियासत को और 1850 में बघात रियासत को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाया गया।
- 1856 में ‘कुशासन’ का आरोप लगाकर अवध का विलय अंग्रेजी राज्य में कर लिया गया।
- रेलवे की शुरुआत: 1853 ई. में पहली रेलवे लाइन (बंबई से थाणे) ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे द्वारा बिछाई गई।
- 1845-1855 ई. के दौरान ‘पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट’ (PWD) को स्वरूप दिया गया।
D. प्रथम वायसराय से लेकर लॉर्ड कर्जन तक (VVI)
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| वायसराय/गवर्नर | प्रमुख घटनाएँ / कार्य |
|---|---|
| लॉर्ड कैनिंग | ब्रिटिश भारत का प्रथम वायसराय। 1 नवम्बर 1858 को महारानी विक्टोरिया का घोषणा-पत्र इलाहाबाद में पढ़कर सुनाया (गोद लेने के अधिकार को पुनर्स्थापित किया गया)। |
| लॉर्ड मेयो | भारत में अंग्रेजों के समय में प्रथम जनगणना हुई। अंडमान निकोबार द्वीप समूह में एक दंडित अपराधी द्वारा इनकी हत्या कर दी गई थी। |
| लॉर्ड लिटन | अफगानिस्तान के प्रति ‘अग्र’ (Forward/आक्रामक) नीति का अनुसरण किया। साहित्य जगत में इन्हें ‘ओवन मेरेडिथ’ (Owen Meredith) नाम से जाना जाता था। |
| लॉर्ड रिपन | इन्हें भारत में ‘स्थानीय स्वायत्त शासन’ (Local Self Govt, 1882) का जनक माना जाता है। प्रथम फैक्ट्री अधिनियम (काम के घंटे सीमित करने हेतु) पारित किया। ‘इल्बर्ट बिल’ विवाद (भारतीय न्यायधीशों को यूरोपियनों के मुकदमे सुनने का अधिकार) इन्हीं से जुड़ा है। सिविल सेवा की आयु 19 से पुनः 21 वर्ष कर दी। |
| लॉर्ड डफरिन | ब्रिटिश भारतीय राज्य क्षेत्र का अंतिम प्रमुख विस्तार इनके समय में हुआ। |
लॉर्ड कर्जन
- ‘भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण’ की स्थापना और ‘प्राचीन स्मारक संरक्षण एक्ट’ (1904) पारित किया। स्मारकों के लिए 50,000 पौंड की धनराशि आवंटित की।
- ‘फूट डालो और राज्य करो’ की रणनीति अपनाई तथा बंगाल का विभाजन किया।
- कर्जन ने कांग्रेस के बारे में लिखा था: “मुझे विश्वास है कि कांग्रेस अपने विनाश की तरफ जा रही है और मेरी यह बड़ी इच्छा है कि इसके शांतिप्रिय निधन के लिए इसका सहायक बनूँ।”
- भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारित किया।
- जी. के. गोखले ने कर्जन के प्रशासन की तुलना औरंगजेब से की थी।
E. अन्य महत्वपूर्ण तथ्य एवं घटनाक्रम
💡 वन-लाइनर परीक्षा तथ्य (Fact File)
- लॉर्ड हेस्टिंग्स: आंग्ल-नेपाल युद्ध (1815 सुगौली की संधि) और तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध इन्हीं के समय हुआ।
- लॉर्ड रीडिंग: यह भारत का एकमात्र ‘यहूदी वायसराय’ था।
- लॉर्ड हार्डिंग: ब्रिटिश भारत की राजधानी का कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरण इन्हीं के काल में कार्यान्वित हुआ।
- लॉर्ड माउंटबेटन: भारत इनके वायसराय काल में स्वतंत्र हुआ और ये स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल भी थे।
- जॉन लॉरेंस: ‘चतुराईपूर्ण निष्क्रियता’ (Masterly inactivity) की नीति के साथ जुड़े हैं।
- ईस्ट इंडिया कम्पनी: इसका राजपूताना राज्यों से सहायक संधि करने का मुख्य उद्देश्य ‘अंग्रेजों की प्रभुसत्ता स्वीकार कराना’ था। कम्पनी का एकछत्र राज्य 1773 ई. में ब्रिटिश हुकूमत के नियंत्रण में लाया गया।
संचार एवं अन्य निर्माण:
- टेलीग्राफ लाइन सर्वप्रथम ‘कोलकाता से आगरा’ तक बिछाई गई।
- 1865 ई. में अंग्रेजों ने भारत तथा इंग्लैण्ड के बीच सीधा तार सम्बन्ध स्थापित किया।
- गेटवे ऑफ इंडिया: इसका निर्माण 1911 ई. में ब्रिटिश किंग जॉर्ज-V और क्वीन मैरी के स्वागत के लिए हुआ। इसका डिजाइन ‘जॉर्ज विवेट’ ने तैयार किया था।