मार्ले-मिंटो सुधार / भारत परिषद अधिनियम (1909)

आधिकारिक नाम: भारत परिषद अधिनियम 1909।
जॉन मार्ले: तत्कालीन भारत के राज्य सचिव (Secretary of State)।
लॉर्ड मिंटो: तत्कालीन भारत के वायसराय (Viceroy)।
उद्देश्य: नरमदल (उदारवादियों) को संतुष्ट करना, उग्रवादियों को अलग-थलग करना और ‘फूट डालो-राज करो’ की नीति को कानूनी मान्यता देना।

A. ब्रिटिश प्रशासन का पदानुक्रम (Hierarchy)

उस समय ब्रिटिश प्रशासन का त्रिकोणीय ढांचा कुछ इस प्रकार था:

  • महारानी: लंदन में सर्वोच्च सत्ता।
  • राज्य सचिव (Secretary of State): लंदन में बैठकर भारत के मामलों का नियंत्रण करते थे।
  • वायसराय (Viceroy): भारत में ब्रिटिश सरकार के सर्वोच्च प्रतिनिधि।

B. अधिनियम के प्रमुख प्रावधान

  • पृथक निर्वाचन क्षेत्र: मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र की व्यवस्था की गई। इसके तहत मुस्लिम सदस्यों का चुनाव केवल मुस्लिम मतदाता ही कर सकते थे (यहीं से भारत में साम्प्रदायिकता को वैधानिक मान्यता मिली)।
  • कार्यकारी परिषद में प्रतिनिधित्व: भारतीयों को पहली बार वायसराय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) में प्रतिनिधित्व मिला।
  • सीमित अधिकार: भारतीयों को केन्द्रीय एवं प्रांतीय विधान परिषदों में सीमित अधिकार प्राप्त हुए। सदस्यों को बजट पर बहस करने, पूरक प्रश्न पूछने और जनहित के प्रस्ताव पेश करने का अधिकार दिया गया।
  • केन्द्रीय विधान परिषद में सदस्यों की संख्या 16 से बढ़ाकर 60 कर दी गई (अतिरिक्त जानकारी)।

C. परीक्षा उपयोगी अतिरिक्त महत्त्वपूर्ण तथ्य (VVI)

💡 आपके एग्जाम के लिए अति-महत्वपूर्ण

  • सत्येन्द्र प्रसाद सिन्हा (S.P. Sinha): वायसराय की कार्यपालिका परिषद में शामिल होने वाले प्रथम भारतीय थे। उन्हें ‘विधि सदस्य’ (Law Member) के रूप में नियुक्त किया गया था।
  • साम्प्रदायिक निर्वाचन का जनक: लॉर्ड मिंटो को भारत में ‘साम्प्रदायिक निर्वाचन का जनक’ (Father of Communal Electorate) कहा जाता है।
  • अरुंडेल समिति: यह अधिनियम मुख्य रूप से 1906 में सर ए.टी. अरुंडेल के नेतृत्व में बनी समिति की रिपोर्ट पर आधारित था।
  • मतदान का अधिकार बहुत ही सीमित था, जो मुख्य रूप से संपत्ति, कर (Tax) और शिक्षा पर आधारित था। महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था।

D. मार्ले-मिंटो सुधार से जुड़े महत्त्वपूर्ण कथन

↔️ टेबल को दायें-बायें खिसकाएं
किसने कहा? क्या कहा?
जॉन मार्ले (लॉर्ड मिंटो से) “हम भारत में नाग के दाँत बो रहे हैं और कभी न कभी ये भारतीयों को जरूर डसेंगे।”
महात्मा गाँधी 1. “मार्ले-मिन्टो सुधार ने भारतीयों का सर्वनाश कर दिया।”
2. “यह भारत में साम्प्रदायिकता का पहला बीज है।”
के. एम. मुंशी (अतिरिक्त) “इन्होंने उभरते हुए प्रजातंत्र को जान से मार डाला।”