15. मुगल वंश: शाहजहां (1627 – 1658)

शाहजहां: इनका जन्म 1592 ई. में लाहौर में हुआ था। इनके पिता जहाँगीर और माता जगत गोसाईं थीं। इनका अन्य नाम ‘मुजाहिद’ था।

A. प्रारंभिक जीवन एवं परिवार

  • गुरु: हकीम अली गिलानी (आध्यात्मिक गुरु- फारुख अली गिलानी)।
  • पत्नी: अरजुमंद बानो बेगम (जिन्हें मुमताज महल कहा गया)।
  • पुत्र (4): दारा शिकोह, शाह शुजा, मुराद, और औरंगजेब।
  • पुत्री (3): रोशन आरा, जहाँ आरा, और गौहर आरा।

B. शाहजहां के समय की प्रमुख घटनाएँ एवं अभियान

  • बुंदेलखंड अभियान (1628): शाहजहां खुद अभियान करने गए थे। वहाँ का सूबेदार जुझार सिंह था, जिसे हराकर ‘कफी अहमद’ को नया सूबेदार बनाया गया।
  • पुर्तगालियों का दमन: 1632 में पुर्तगालियों के महत्वपूर्ण केंद्र हुगली पर कब्ज़ा कर लिया।
  • सिखों से युद्ध: 1632 में शाहजहां ने सिखों के 6वें गुरु ‘हरगोविन्द’ को पराजित किया था।
  • अकाल: 1632 में शाहजहां दक्कन (महाराष्ट्र) एवं गुजरात भयंकर अकाल का जायजा लेने गए। (इसकी जानकारी अंग्रेजी इतिहासकार पीटर मुंडी ने दी)।
  • अहमदनगर (1633): शासक हुसैन शाह को पकड़कर ग्वालियर किले में कैद कर दिया और अहमदनगर का मुगल साम्राज्य में विलय किया।
  • गोलकुंडा अभियान (1635): शासक ‘अब्दुल्ला शाह’ को पराजित किया। संधि के तहत: 6 लाख रुपए सालाना देना, शाहजहां के नाम का सिक्का बनवाना, अपनी पुत्री का निकाह औरंगजेब के पुत्र से करना तय हुआ। अब्दुल्ला शाह के प्रधानमंत्री मीर जुमला ने शाहजहां को प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा उपहार में दिया था।
  • बीजापुर अभियान (1636): शासक ‘आदिल शाह’ ने आत्मसमर्पण कर दिया। संधि: 4 लाख सालाना देना, मुगल सेना बीजापुर पर हमला नहीं करेगी, और मुगल मराठों की सहायता नहीं करेंगे।

C. शाहजहां का स्थापत्य एवं वास्तुकला (स्वर्ण युग)

इतिहासकार ए.एल. श्रीवास्तव ने शाहजहां के शासनकाल को ‘मुगल काल का स्वर्ण युग’ (तथा स्थापत्य कला का स्वर्ण युग) कहा है। 1638 में शाहजहां ने राजधानी आगरा से दिल्ली स्थानांतरित की थी।

ताजमहल का निर्माण

  • वास्तविक नाम: रउजा ए मुनव्वर।
  • वास्तुकार एवं मिस्त्री: वास्तुकार ‘ईशा खान’ और बनाने वाला मुख्य मिस्त्री उस्ताद अहमद लाहौरी था।
  • निर्माण अवधि: 1632 में प्रारंभ और 1653 में पूरा (22 वर्ष)। लागत 3 करोड़ रुपए और 20,000 मजदूर लगे।
  • सामग्री: सफेद संगमरमर मकराना (राजस्थान) से, नीला रत्न दक्षिण कोरिया से और जैस्पर धातु पंजाब से मंगाया गया।
  • इसकी तुलना ‘अंबानी के घर एंटीलिया पैलेस’ से की गई। 1983 में यूनेस्को विश्व विरासत में शामिल हुआ।

शाहजहां द्वारा बनाए गए अन्य प्रमुख निर्माण

  • दीवान-ए-आम (फतेहपुर सीकरी)
  • दीवान-ए-खास (फतेहपुर सीकरी)
  • खास महल, शीश महल
  • नगीना मस्जिद, मोती मस्जिद
  • मुसम्मन बुर्ज
  • शाहजहानाबाद (दिल्ली)
  • लाल किला (दिल्ली)
  • मयूर सिंहासन (बादल खान ने बनाया)
  • रंग महल, हीरा महल, नहर ए बिहिस्त
  • जामा मस्जिद (आगरा) – पुत्री जहाँ आरा बेगम ने बनवाया

D. प्रशासन, चित्रकला एवं साहित्य

  • 1637 में प्रसिद्ध सिजदा और पाइबोस प्रथा समाप्त कर उसकी जगह ‘तस्लीम चहार’ प्रथा शुरू की।
  • इसने ‘आना’ नामक सिक्का चलाया था। लगान वसूलने के लिए ‘ठेकेदारी प्रथा’ की शुरुआत की।
  • प्रमुख चित्रकार: अनूप, मीर हासिम, मुहम्मद फकीर उल्ला, हुनर मुहम्मद नादिर, चिंतामणि।
  • विदेशी यात्री: मनुची (इटली), पीटर मुंडी (इटली), टैवर्नियर (फ्रांस), लायर (डच)।
  • राजकवि: कलीम।
  • पाद्शाहनामा: शाहजहां के 20 वर्षों का इतिहास इसमें मिलता है (लेखक- अब्दुल हामिद लाहौरी)। शाहजहाँनामा पुस्तक के लेखक ‘इनायत खान’ थे।
  • निधन: 1666 ई. में आगरा के किले में कैद के दौरान हुआ।

⚔️ शाहजहां के पुत्रों में उत्तराधिकार का युद्ध (1658-1659)

शाहजहां के बीमार पड़ने की अफवाह के बाद उसके चारों पुत्रों में गद्दी के लिए भयंकर युद्ध छिड़ गया।

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युद्ध का नामतिथि/स्थानसंघर्षविजेता
बहादुरपुर का युद्धफरवरी 1658 (बनारस)दारा शिकोह vs शाह शुजादारा शिकोह
धर्मत का युद्धअप्रैल 1658 (उज्जैन, MP)मुराद+औरंगजेब vs दारा शिकोहऔरंगजेब
सामूगढ़ का युद्धमई 1658 (आगरा)औरंगजेब vs दारा शिकोहऔरंगजेब
खजुआ का युद्धजनवरी 1659 (प्रयागराज)औरंगजेब vs शाह शुजाऔरंगजेब
देवराई घाटी का युद्धमार्च 1659 (आगरा)औरंगजेब vs दारा शिकोहऔरंगजेब

नोट: इन सभी युद्धों को हारते हुए देखकर मुराद ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। दारा शिकोह शाहजहां के बड़े पुत्र थे। इन्होने रामायण, उपनिषद, योगवशिष्ठ, भगवत गीता का फारसी में अनुवाद कराया। यह एक हाथ में कुरान तो दूसरे हाथ में गीता लेकर चलते थे।

औरंगजेब

A. औरंगजेब के प्रमुख अभियान एवं शिवाजी से संघर्ष

  • 1660: औरंगजेब ने ‘अफजल खान’ को शिवाजी की हत्या करने भेजा, लेकिन शिवाजी ने ही उसकी हत्या कर दी।
  • 1663: औरंगजेब ने अपने मामा शाइस्ता खान (बदख्शां खान का पुत्र) को भेजा। शिवाजी ने बदख्शां की हत्या कर दी तथा शाइस्ता खान के दाहिने हाथ की पाँचों उँगलियाँ काट दीं (वह जान बचाकर भागा)। बाद में उसे बंगाल का सूबेदार बना दिया गया।
  • 1664: औरंगजेब ने प्रधान सेनापति ‘जयसिंह’ को भेजा, जिसने शिवाजी को बुरी तरह पराजित किया।

पुरंदर की संधि (11 जून 1665)

  • यह संधि शिवाजी एवं जयसिंह के मध्य हुई।
  • शिवाजी ने 35 किलों में से 23 किले मुगलों को दे दिए
  • शिवाजी ने वादा किया कि वह 500 घुड़सवार सेना से मुगलों की मदद करेंगे।
  • 22 मार्च 1666 को जयसिंह शिवाजी को पकड़कर औरंगजेब के पास ले आया। औरंगजेब ने आगरा किले के दीवान-ए-खास स्थित जयपुर भवन में शिवाजी को कैद कर लिया, लेकिन शिवाजी मिठाई की टोकरी के डब्बे में बैठकर भाग निकले।

B. औरंगजेब के समय के प्रमुख विद्रोह

  • जाट विद्रोह (1669): इसका प्रथम नेतृत्व गोकुला ने किया। औरंगजेब ने ‘अब्दुल नबी’ को विद्रोह शांत करने भेजा (गोकुला ने उसे मार दिया)। फिर ‘तिलपत के युद्ध’ में अब्दुल नबी की सेना ने गोकुला की हत्या कर दी।
  • बाद में जाट विद्रोह का नेतृत्व राजाराम एवं रामचेरा ने किया। इन्होने सिकंदरा स्थित अकबर के मकबरे को खोदकर उसकी हड्डी निकालकर जला दी। औरंगजेब ने दोनों की हत्या करवा दी।
  • इसके बाद ‘चूड़ामन’ ने नेतृत्व किया और 1690 में स्वतंत्र ‘भरतपुर रियासत’ की स्थापना की।
  • सतनामी विद्रोह: 1672 में हुआ।
  • सिख विद्रोह: 1675 में औरंगजेब ने सिखों के 9वें गुरु तेगबहादुर की हत्या करवा दी।

C. औरंगजेब की नीतियां एवं प्रतिबंध

  • औरंगजेब के समय सर्वाधिक हिन्दू मनसबदार (33%) सेनापति थे।
  • इसने 80 प्रकार के Tax पर प्रतिबंध लगाया।
  • 1679 में इसने हिन्दुओं पर दुबारा जजिया कर लागू कर दिया।
  • यह वीणा बजाने का शौकीन था।
  • सबसे ज्यादा मुगल साम्राज्य का विस्तार इसी के समय हुआ। इसके राजस्व मंत्री ‘असद खान’ थे।
  • अंग्रेज गवर्नर जोसोया चाइल्ड को 1686 में इसने भारत से निर्वासित कर दिया था।
  • इसके समकालीन ‘संत रामदास’ थे।

औरंगजेब द्वारा लगाए गए प्रमुख प्रतिबंध

  • सिक्कों पर कलमा खुदवाने पर रोक
  • नवरोज त्यौहार पर प्रतिबंध
  • भांग की खेती पर प्रतिबंध
  • मुहर्रम त्यौहार पर प्रतिबंध
  • झरोखा दर्शन पर प्रतिबंध
  • तुलादान प्रथा पर प्रतिबंध
  • सती प्रथा एवं दास प्रथा पर प्रतिबंध
  • नृत्य-संगीत पर प्रतिबंध

D. निर्माण, मंदिर विध्वंस एवं मृत्यु

  • निर्माण: दिल्ली के लाल किले में ‘मोती मस्जिद’ का निर्माण औरंगजेब ने करवाया।
  • मंदिर तुड़वाना: गुजरात के सोमनाथ मंदिर, बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर और मथुरा के केशवराय मंदिर को इसने तुड़वाया।
  • निधन: 1707 ई. में औरंगजेब की मृत्यु हुई, इसे खुलदाबाद (महाराष्ट्र) में दफनाया गया।

विदेशी यात्री (औरंगजेब के समय)

  • निकोलो मनुची (इटली)
  • टैवर्नियर
  • फ्रांस्वा बर्नियर: यह 12 वर्षों तक भारत में रहा।