11. मुगल वंश: बाबर (1526 – 1530)
A. पारिवारिक विवरण
- पिता: उमर शेख मिर्जा
- माता: कुतलुग निगार
- बहन: खानजादा बेगम
- पुत्र: हुमायूं, कामरान, अस्करी, हिन्दाल
- पुत्री: गुलबदन बेगम
B. प्रारंभिक जीवन एवं संघर्ष
- 1494 में बाबर फरगना की गद्दी पर बैठा.
- 1496 में बाबर समरकंद पहुँचा.
- 1504 में काबुल क्षेत्र पर अधिकार किया और 1506 में हेरात पर कब्ज़ा किया.
- 1507 में काबुल विजय की खुशी में ‘पादशाह’ की उपाधि धारण की.
- 1519 में बाजौर और भेरा किला पर अधिकार किया और इसी दौरान बाबर ने पहली बार बारूद का प्रयोग किया.
C. बाबर के भारत में प्रमुख युद्ध
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| युद्ध का नाम | वर्ष | प्रतिद्वंदी | विशेषता |
|---|---|---|---|
| पानीपत का प्रथम युद्ध | 1526 | इब्राहिम लोदी | तोप और तुगुलनामा प्रणाली का प्रयोग |
| खानवा का युद्ध | 1527 | राणा सांगा | जीत के बाद ‘गाजी’ की उपाधि, तमगा कर समाप्त |
| चंदेरी का युद्ध | 1528 | मेदिनी राय | – |
| घाघरा का युद्ध | 1529 | महमूद लोदी | जल एवं थल दोनों में लड़ा गया |
D. निर्माण, साहित्य एवं मृत्यु
- निर्माण: निशांत बाग (कश्मीर), शालीमार बाग (लाहौर), आराम बाग (आगरा), और पिंजौर बाग (हरियाणा).
- आत्मकथा: ‘तुजुक-ए-बाबरी’ (तुर्की भाषा में स्वयं लिखी). इसका फारसी अनुवाद ‘बाबरनामा’ नाम से अब्दुल रहीम खानखाना ने किया.
- मृत्यु: 26 दिसंबर 1530 को बाबर की मृत्यु हुई. इसे पहले आगरा के आरामबाग में दफनाया गया, फिर बाद में काबुल में दफनाया गया.
- बाबर के समय ईरान का प्रसिद्ध चित्रकार ‘विहजाद’ था, जिसे ‘पूर्व का राफेल’ कहते हैं.