8. दिल्ली सल्तनत: सैयद वंश (1414 – 1451)
A. सैयद वंश के शासकों का क्रम
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| क्रम | शासक का नाम | शासनकाल |
|---|---|---|
| 1 | खिज्र खाँ | 1414 – 1421 |
| 2 | मुबारक शाह | 1421 – 1434 |
| 3 | मुहम्मद शाह | 1434 – 1445 |
| 4 | अलाउद्दीन अदिल शाह | 1445 – 1451 |
B. खिज्र खाँ (1414 – 1421)
- यह सैयद वंश का संस्थापक था।
- खिज्र खाँ खुद को हजरत मुहम्मद साहब का वंशज मानता था।
- इसका वास्तविक नाम ‘मलिक सुलेमान’ था।
- इसने ‘रैयत ए आला’ की उपाधि धारण की थी।
- यह मंगोल आक्रमणकारी तैमूर लंग के सहयोग से दिल्ली का राजा बना था।
- तैमूर लंग ने इसे 3 जगहों की सूबेदारी दी थी: मुल्तान, लाहौर, और दिपालपुर (पंजाब)।
- इसके प्रधानमंत्री का नाम ‘ताज उल मुल्क’ था।
C. मुबारक शाह (1421 – 1434)
- यह सैयद वंश का महानतम एवं प्रतापी राजा था।
- इसने अपने नाम का सिक्का चलाया था।
- इसने दिल्ली में ‘मुबारकाबाद’ शहर की स्थापना की थी।
- प्रमुख उपाधियां: इसने सुल्तान, शाह, और ‘आमीर उल मोमिन’ की उपाधि धारण की थी।
- इसने प्रसिद्ध विद्वान ‘याहिया बीन अहमद सरहिन्दी’ को अपने दरबार में संरक्षण दिया था।
- याहिया बीन अहमद सरहिन्दी ने मुबारक शाह की आत्मकथा ‘तारीख ए मुबारकशाही’ (फारसी भाषा में) लिखी थी।
- निधन: इनकी हत्या इनके प्रधानमंत्री ‘सरवर उल मुल्क’ ने ‘सिद्धपाल’ नामक व्यक्ति से करवाई थी।
D. मुहम्मद शाह एवं वंश का अंत
- मुहम्मद शाह ने बहलोल लोदी को ‘खान ए खाना’ की उपाधि दी थी।
- इसके पश्चात् बहलोल लोदी ने आसानी से दिल्ली में सैयद वंश को समाप्त कर लोदी वंश की स्थापना कर दी।