6. दिल्ली सल्तनत: तुग़लक़ वंश (1320 – 1414)

A. ग्यासुद्दीन तुगलक (1320 – 1325)

  • तुगलक वंश के प्रथम राजा ग्यासुद्दीन तुगलक (GST) थे। इनका वास्तविक नाम खुसरो मलिक या गाजी मलिक था।
  • यह प्रारंभ में जलालुद्दीन खिलजी का अंगरक्षक था।
  • इन्होंने ही तुगलक वंश की स्थापना की थी।
  • प्रसिद्ध कवि अमीर खुसरो ने अपनी किताब ‘तुगलकनामा’ इसी को समर्पित की थी।
  • सूफी संत निजामुद्दीन औलिया ने ग्यासुद्दीन तुगलक को कहा था— “हुनुज दिल्ली अभी दूर है”

प्रमुख अभियान एवं निर्माण कार्य

  • तेलंगाना अभियान (1321): इस अभियान के लिए इसने ‘जुना खां’ (मुहम्मद बिन तुगलक) को भेजा था।
  • अन्य अभियान: खाजनगर अभियान (उड़ीसा) और तिरहुत अभियान (बंगाल)।
  • ग्यासुद्दीन ने भारत में पहली बार डाक व्यवस्था प्रारंभ की।
  • सिंचाई हेतु नहर, तालाब और कुआं का निर्माण पहली बार इसी ने करवाया था।
  • यमुना नदी के किनारे इसने ‘तुगलकाबाद’ शहर की स्थापना की।
  • इसने ‘छप्पनकोट दुर्ग’ का निर्माण किया, जो मिस्र के पिरामिड के जैसा झुका हुआ है।
  • इसके शासन करने की पद्धति को ‘रस्म ए मियाना’ कहा जाता था।
  • निधन: लकड़ी के घर में दबकर इनका निधन हो गया।

B. मुहम्मद बिन तुगलक (MBT)

  • यह दिल्ली सल्तनत का सर्वाधिक पढ़ा-लिखा शासक था (इसे 29 भाषाओं का ज्ञान था)।
  • यह गणित एवं दर्शन शास्त्र का प्रकांड विद्वान था।
  • इसे ‘दुनिया का खान’ कहा जाता है।
  • सिक्कों पर इसका नाम ‘जिल्लाह’ मिलता है। इसके गुरु का नाम ‘शेख अलाउद्दीन’ था।
  • यह अपने दरबार में 2 जैन विद्वानों (राजशेखर और जिनप्रभा सूरी) को संरक्षण देता था।
  • बगदाद के खलीफा अल हकीम II ने इसे ‘खलीफा’ की उपाधि दी थी।
  • इसके इतिहास का उल्लेख ‘तारीख-ए-फिरोजशाही’ एवं ‘रेहला’ ग्रंथ में मिलता है।

विद्वानों द्वारा दी गई उपाधियाँ

↔️ टेबल को दायें-बायें खिसकाएं
विद्वान का नामकथन / उपाधि
एडवर्ड थॉमसPrince of maniers (मनिअरों का राजकुमार)
एलिफिंस्टनआधा पागल
स्मिथपूरा पागल
ईश्वरी प्रसादविरोधाभासों का मिश्रण

इब्न बतूता का आगमन

  • MBT के शासन काल में मोरक्को का यात्री ‘इब्न बतूता’ 1333 ई. में दिल्ली आया।
  • इसने अरबी भाषा में ‘रेहला’ किताब लिखी, जिसमें डाक व्यवस्था का वर्णन है।
  • मुहम्मद बिन तुगलक ने इब्न बतूता को 1345 में दिल्ली का काजी बनाया और 1347 में अपना राजदूत बनाकर चीन भेजा।
  • इसने तकावी ऋण माफ़ किया था।

C. फिरोजशाह तुगलक (FST)

↔️ टेबल को दायें-बायें खिसकाएं
जन्म1309 मेंमूल नामकमालुद्दीन फिरोज
पिता का नामरजबमाता का नामबीबी जैला
गुरु का नामफरीदुद्दीन गंज शकर
  • मुहम्मद बिन तुगलक ने इन्हें ‘अमीर ए हाजिब’ (दरबार का शान ओ शौकत बढ़ाने वाला) के पद पर बैठाया था।
  • इनके प्रधानमंत्री का नाम ‘मलिक मकबूल’ था।
  • FST दिल्ली सल्तनत के निर्वाचित राजा थे, और दिल्ली सल्तनत के पहले राजा थे जिन्होंने दो बार अपना राज्याभिषेक करवाया था।
  • प्रमुख उपाधि: सैयद-उस-सलातीन, दिल्ली सल्तनत का अकबर, दिल्ली का आदर्श सुल्तान।
  • आत्मकथा: इन्होने अपनी आत्मकथा खुद ‘फतूहात-ए-फिरोजशाही’ (फारसी भाषा) में लिखी।

FST द्वारा बनाए गए प्रमुख विभाग (VVI)

↔️ टेबल को दायें-बायें खिसकाएं
विभाग का नामकिससे सम्बंधित था?
दीवान-ए-बंदगानदास विभाग
दीवान-ए-खैरातदान विभाग
दीवान-ए-इस्तिहाकपेंशन विभाग
दीवान-ए-खासकारखाना विभाग
दारुल शफानिःशुल्क चिकित्सालय

FST के प्रमुख कार्य एवं नीतियां

  • इन्होंने दिल्ली में ‘मदरसा ए फिरोजशाही’ का निर्माण किया।
  • अशोक के दो स्तम्भों (टोपरा और मेरठ) को उठाकर दिल्ली में स्थापित करवाया।
  • राज्य के आमदनी का ब्यौरा रखने के लिए ‘लेखपाल’ की नियुक्ति की।
  • सैनिक और असैनिक के पदों को वंशानुगत बना दिया
  • सैनिकों को वेतन के बदले ‘जागीर’ देने की प्रथा शुरू की। सुल्तान को उपहार देने की प्रथा बंद कर दी।
  • मैरिज ब्यूरो की स्थापना दिल्ली में करवाई। रोजगार दफ्तर का निर्माण करवाया।
  • पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD – सार्वजनिक लोक निर्माण विभाग) की स्थापना दिल्ली में की।
  • पहली बार हिन्दू धर्मग्रंथों का फारसी में अनुवाद करवाया। इसके काल में सर्वाधिक फारसी भाषा का अनुवाद और विकास हुआ।
  • यह राज्य के खर्च पर हज व्यवस्था करने वाला पहला शासक था।
  • इसने 1376 में ब्राह्मणों पर जजीया कर लगाया। यह हिन्दुओं को ‘जिम्मी’ कहकर पुकारता था।
  • मुस्लिम महिलाओं को मजारों पर जाने से प्रतिबन्ध लगा दिया।

धार्मिक कट्टरता

  • इसने पुरी के जगन्नाथ मंदिर की मूर्तियों को तोड़कर समुद्र में फेंक दिया।
  • हिन्दू मंदिर के मरम्मत पर प्रतिबंध लगाया।
  • 1361 में नगरकोट (HP) के ज्वालामुखी मंदिर पर हमला किया और मूर्ति को तोड़कर कसाइयों के बीच मांस तौलने के लिए बँटवा दिया।

निर्माण एवं विकास कार्य

  • सिंचाई व्यवस्था: सिंचाई कर (Tax) लेने वाला यह दिल्ली का पहला सुल्तान था (कुल आय का 1/10 भाग लेता था)। इसके सिंचाई कर का नाम ‘हक-ए-शर्ब’ था। भारत में सबसे ज्यादा नहरों का जाल इसी ने बिछाया।
  • शहरों का निर्माण: इसने 300 नवीन नगरों का निर्माण करवाया, जिनमें प्रमुख हैं: फिरोजपुर, फिरोजाबाद, फतेहाबाद, जौनपुर और हिसार। 1354 में ‘हिसार किला’ का निर्माण करवाया। दिल्ली में ‘फ़िरोज़ शाह कोटला मैदान’ बनवाया।
  • अन्य निर्माण: ‘तास घड़ियाल’ नामक जल घड़ी का निर्माण करवाया। कुतुबमीनार के 5वें मंजिल का निर्माण किया। 150 पुलिया, 150 कुंआ, 100 अस्पताल, 100 सराय, 50 मस्जिद, 50 बांध, 50 झील, 5 नहर, 20 महल, 10 स्तम्भ लेख, 5 मकबरा और 1200 बगीचों का निर्माण करवाया।
  • फलों की गुणवत्ता चेक करने का काम भी शुरू करवाया।
  • यह सबसे ज्यादा गुलाम (1,80,000) रखने वाला राजा था।

मुद्रा एवं कर (Tax) व्यवस्था

  • इसने ‘आधा’ और ‘बिख’ नामक चाँदी का सिक्का चलाया।
  • इसने अपने सिक्कों पर अपना और अपने पुत्र ‘फतेह खान’ का नाम अंकित करवाया।
  • इसने 24 प्रकार के कष्टदायक करों को हटाकर उसकी जगह केवल 4 प्रकार के कर चलाये: 1. जज़िया, 2. जकात, 3. खराज, 4. खम्स

D. तुगलक वंश का अंतिम राजा एवं मंगोल आक्रमण

  • तुगलक वंश का अंतिम राजा नासिरुद्दीन मुहम्मद तुगलक था, जिसका शासनकाल 1394 से 1414 तक रहा।
  • इनके शासन काल में ही ‘मलिक सरवर’ ने जौनपुर में ‘शर्की वंश’ की स्थापना की थी।
  • इन्हीं के समय में 1398 ई. में ‘तैमूर लंग’ नामक मंगोल आक्रमणकारी ने हमला किया था।
  • तैमूर लंग के सहयोग से ‘खिज्र खाँ’ ने दिल्ली सल्तनत पर एक नए वंश ‘सैयद वंश’ की स्थापना की।

E. सैयद वंश (1414 – 1451)

सैयद वंश में प्रमुख रूप से 4 राजाओं ने शासन किया:

  • 1. खिज्र खाँ (1414 – 1421)
  • 2. मुबारक शाह (1421 – 1434)
  • 3. मुहम्मद शाह (1434 – 1445)
  • 4. अलाउद्दीन आलम शाह (1445 – 1451)