मुहावरे (Idioms): ये भाषा को रसात्मक और प्रभावशाली बनाते हैं।
लोकोक्तियाँ (Proverbs): ये लोक-अनुभव के निचोड़ होते हैं। नीचे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण संग्रह दिया गया है।
लोकोक्तियाँ (Proverbs): ये लोक-अनुभव के निचोड़ होते हैं। नीचे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण संग्रह दिया गया है।
A. महत्वपूर्ण मुहावरों का वर्गीकरण (Classification)
1. क्रोध और घृणा से संबंधित:
- आंखें लाल करना: अत्यधिक क्रोधित होना।
- खून का घूंट पीना: अपमान सहन कर लेना।
- दांत पीसना: बहुत क्रोध करना।
- आस्तीन का सांप: कपटी मित्र।
2. साहस और प्रयत्न से संबंधित:
- आकाश-पाताल एक करना: कठिन परिश्रम करना।
- बीड़ा उठाना: किसी कार्य का भार लेना।
- लोहे के चने चबाना: बहुत कठिन कार्य करना।
- हाथ मलना: पछताना।
3. असफलता और बाधा से संबंधित:
- अंधे की लाठी: एकमात्र सहारा।
- कलई खुलना: भेद प्रकट होना।
- दाल न गलना: सफल न होना।
- जमीन आसमान एक करना: भारी प्रयत्न करना।
B. चुनिंदा लोकोक्तियाँ (Exam Target)
| लोकोक्ति | अर्थ |
|---|---|
| अधजल गगरी छलकत जाए | थोड़ा ज्ञान, घमंड अधिक |
| अपनी डफली अपना राग | सबका अपने मन के अनुसार चलना |
| अब पछताए होत क्या… | समय निकल जाने पर पछतावा व्यर्थ |
| चोर की दाढ़ी में तिनका | दोषी का स्वयं डरा होना |
| दूध का दूध, पानी का पानी | निष्पक्ष न्याय |
| नाम बड़े और दर्शन छोटे | प्रसिद्धि अधिक, गुण कम |
| हाथ कंगन को आरसी क्या | प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं |
| सांच को आंच नहीं | सच्चे व्यक्ति को डर नहीं |
C. परीक्षा उपयोगी विशेष टिप्पणियाँ
- अंतर समझना: लोकोक्तियाँ पूर्ण वाक्य होती हैं, मुहावरे वाक्यांश।
- अर्थ की गहराई: परीक्षा में अक्सर अर्थ के 4 विकल्प मिलते हैं। जो विकल्प ‘लाक्षणिक अर्थ’ (Metaphorical Meaning) दे, वही चुनें।
- अभ्यास का महत्व: मुहावरों को रटने के बजाय, उन्हें अपनी बोलचाल में प्रयोग करें।