जिन शब्दों के अर्थ में समानता हो, उन्हें पर्यायवाची शब्द कहते हैं। इन्हें ‘समानार्थी शब्द’ भी कहा जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पर्यायवाची शब्दों से न केवल ‘विलोम’ और ‘शुद्ध-अशुद्ध’ के प्रश्न हल होते हैं, बल्कि यह भाषा में निखार लाने के लिए भी अनिवार्य हैं।
A. परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण शब्द-समूह
इन्हें रटने के बजाय बार-बार पढ़ने की कोशिश करें, क्योंकि यही शब्द एग्जाम्स में बार-बार दोहराए जाते हैं:
| शब्द | महत्वपूर्ण पर्यायवाची (VVI) |
|---|---|
| अग्नि | पावक, अनल, दहन, वैश्वानर, कृशानु, जातदेव। |
| अमृत | पीयूष, सुधा, अमिय, सुरभोग, सोम। |
| आकाश | नभ, गगन, अंबर, व्योम, शून्य, अंतरिक्ष, अनंत। |
| कमल | जलज, पंकज, नीरज, सरोज, राजीव, अरविंद, अंबुज। |
| गंगा | देवनदी, भागीरथी, मंदाकिनी, सुरसरि, जान्हवी, देवपगा। |
| गणेश | लंबोदर, गजानन, विनायक, गणपति, एकदंत, मूषकवाहन। |
| तालाब | सर, सरोवर, जलाशय, तड़ाग, पुष्कर, कासार। |
| दिन | दिवस, वासर, दिवा, अहन, वार। |
| पर्वत | गिरी, अचल, नग, भूधर, महिधर, तुंग। |
| बिजली | तड़ित, चपला, चंचला, सौदामिनी, दामिनी, विद्युत। |
B. शब्दांश ट्रिक: कमल, बादल और समुद्र
परीक्षा में अक्सर ‘जल’ के पर्यायवाची में ‘ज’, ‘द’ या ‘धि’ जोड़कर भटकाया जाता है। यह ट्रिक हमेशा याद रखें:
- जल के पर्यायवाची में ‘ज’ (जन्म लेने वाला) जोड़ने पर: वे ‘कमल’ के पर्यायवाची बन जाते हैं। (जल + ज = जलज, नीरज, अंबुज)।
- जल के पर्यायवाची में ‘द’ (देने वाला) जोड़ने पर: वे ‘बादल’ के पर्यायवाची बन जाते हैं। (जल + द = जलद, नीरद, अंबुद, वारिद)।
- जल के पर्यायवाची में ‘धि’ (धारण करने वाला) जोड़ने पर: वे ‘समुद्र’ के पर्यायवाची बन जाते हैं। (जल + धि = जलधि, नीरधि, अंबुधि, वारिधि)।
C. अन्य महत्वपूर्ण शब्द (Quick Revision)
💡 UPSC/BPSC P.T. Special Tips
- शब्दों का सूक्ष्म अंतर: पर्यायवाची शब्द भले ही समान अर्थ वाले हों, पर हर शब्द का प्रयोग हर जगह नहीं हो सकता। (उदा: ‘अनल’ अग्नि है और ‘अनिल’ हवा)।
- पदों का प्रयोग: पर्यायवाची को रटने के बजाय, उन्हें छोटे वाक्यों में प्रयोग करके याद करने की कोशिश करें।
- अध्ययन की तकनीक: एक साथ 50 शब्द न पढ़ें। हर दिन सिर्फ 10-10 शब्दों के समूह को पढ़ें और टेस्ट सीरीज़ के माध्यम से उनका अभ्यास करें।