भाग 1: क्रिया (Verb)
धातु (Root): क्रिया के मूल रूप को ‘धातु’ कहते हैं। धातु में ‘ना’ प्रत्यय जोड़ने से क्रिया का सामान्य रूप बनता है।
Ex— पढ़ (धातु) + ना = पढ़ना | लिख (धातु) + ना = लिखना | जा (धातु) + ना = जाना
A. कर्म के आधार पर क्रिया के भेद – 2 (Most Important)
परीक्षा में सबसे ज्यादा प्रश्न इसी वर्गीकरण से पूछे जाते हैं:
जिस क्रिया के साथ कर्म (Object) होता है या कर्म के होने की पूरी संभावना होती है, अर्थात् क्रिया का फल कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है।
पहचान की ट्रिक: क्रिया से पहले ‘क्या’ या ‘किसको’ लगाकर प्रश्न पूछें। यदि उत्तर मिल जाए, तो वह सकर्मक क्रिया है।
ढेर सारे उदाहरण (Examples):- राम फल खाता है। (प्रश्न: क्या खाता है? उत्तर: फल -> सकर्मक)
- सीता पुस्तक पढ़ती है। (प्रश्न: क्या पढ़ती है? उत्तर: पुस्तक)
- मोहन पत्र लिखता है। | राधा गीत गाती है।
- लड़का क्रिकेट खेलता है। | माँ खाना बना रही है।
- दर्जी कपड़े सी रहा है। | रमेश गाड़ी चलाता है।
जिस क्रिया के साथ कर्म नहीं होता और क्रिया का पूरा फल/प्रभाव सीधे कर्ता (Subject) पर पड़ता है।
पहचान की ट्रिक: क्रिया से पहले ‘क्या’ लगाने पर कोई उत्तर नहीं मिलता। (सोना, रोना, हंसना, जागना, बैठना, तैरना, उड़ना हमेशा अकर्मक होती हैं)।
ढेर सारे उदाहरण (Examples):- राम सोता है। (प्रश्न: क्या सोता है? उत्तर: कोई उत्तर नहीं -> अकर्मक)
- पक्षी आकाश में उड़ते हैं। (नोट: ‘आकाश’ कर्म नहीं, आधार/अधिकरण है। उड़ना क्रिया का फल सीधे पक्षी पर पड़ रहा है)।
- बच्चा रोता है। | वह जोर से हँसता है।
- साँप रेंगता है। | नदी बहती है।
- मोहन रात भर जागता रहा। | लड़का दौड़ रहा है।
- मछली पानी में तैरती है। | वह कुर्सी पर बैठ गया।
B. प्रयोग एवं संरचना के आधार पर क्रिया के मुख्य भेद
| क्रिया का भेद | नियम / परिभाषा | प्रचुर उदाहरण (Examples) |
|---|---|---|
| 1. पूर्वकालिक क्रिया |
जब कर्ता एक क्रिया को समाप्त करके तत्काल दूसरी क्रिया शुरू करता है, तो पहली क्रिया पूर्वकालिक कहलाती है। (ट्रिक: इसमें अक्सर ‘कर’ लगा होता है) | • राम पढ़कर सो गया। (पढ़कर = पूर्वकालिक) • वह खाकर खेलने गया। • छात्र ने रोकर अपनी बात कही। • राधा नहाकर मंदिर गई। |
| 2. प्रेरणार्थक क्रिया | जहाँ कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी दूसरे को कार्य करने की प्रेरणा देता है या करवाता है। इसके दो रूप हैं: प्रथम (कराना) और द्वितीय (करवाना)। | • मालिक नौकर से कार साफ करवाता है। • अध्यापिका छात्रों से पाठ पढ़वाती है। • माँ बच्चे को दूध पिलाती है। • लिखना से -> लिखाना, लिखवाना। |
| 3. नामधातु क्रिया |
जो क्रियाएँ संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण शब्दों में प्रत्यय जोड़कर बनाई जाती हैं। | • संज्ञा से: हाथ -> हथियाना, लात -> लतियाना, बात -> बतियाना, लाठी -> लठियाना। • विशेषण से: गरम -> गरमाना, ठंडा -> ठंडाना, चिकना -> चिकनाना। |
| 4. संयुक्त क्रिया | जब दो या दो से अधिक क्रियाएँ मिलकर किसी एक ही पूर्ण क्रिया का निर्माण करती हैं। | • वह अचानक रो पड़ा। • मुझे जाने दो। • श्याम खाना खा चुका है। • पेड़ से पत्ता गिर गया। |
| 5. कृदंत क्रिया | जब क्रिया शब्दों के अंत में प्रत्यय (कृत प्रत्यय) जोड़ा जाता है। | • चल + ता = चलता • लिख + कर = लिखकर • दौड़ + आ = दौड़ा |
भाग 2: काल (Tense)
काल के मुख्य भेद – 3: ① भूतकाल (Past), ② वर्तमान काल (Present), ③ भविष्यत काल (Future)
| भूतकाल के भेद | पहचान / नियम | ढेर सारे उदाहरण (Examples) |
|---|---|---|
| (I) सामान्य भूतकाल | बीते समय में क्रिया सामान्य रूप से हुई, निश्चित समय का पता नहीं चलता। | • राम गया। • सीता ने पुस्तक पढ़ी। • मोहन आया। • हमने मैच जीता। |
| (II) आसन्न भूतकाल |
क्रिया अभी-अभी या तत्काल समाप्त हुई है। (इसे पूर्ण वर्तमान भी कहा जाता है)। | • राम गया है। • मैंने सेब खाया है। • अध्यापिका पढ़ाकर आई हैं। • श्याम अभी आया है। |
| (III) पूर्ण भूतकाल | क्रिया बीते समय में बहुत पहले ही पूरी हो चुकी थी। (था, थी, थे)। | • अंग्रेजों ने भारत पर राज किया था। • राम ने रावण को मारा था। • वह दिल्ली गया था। • गाड़ियाँ जा चुकी थीं। |
| (IV) अपूर्ण भूतकाल | क्रिया बीते समय में चल रही थी, पर समाप्त हुई या नहीं, यह पता नहीं। (रहा था, रही थी)। | • राम क्रिकेट खेल रहा था। • सीता खाना बना रही थी। • बच्चे रो रहे थे। • वर्षा हो रही थी। |
| (V) संदिग्ध भूतकाल | बीते समय में क्रिया के होने पर संदेह या संशय हो। (होगा, होगी, होंगे)। | • राम गया होगा। • उसने खाना खा लिया होगा। • दुकानें बंद हो चुकी होंगी। • बस छूट गई होगी। |
| (VI) हेतुहेतुमद् भूतकाल (Most Important) |
बीते समय की एक क्रिया दूसरी क्रिया पर निर्भर थी। कार्य होने वाला था पर किसी कारण से न हो सका (शर्त)। | • यदि वर्षा होती, तो फसल अच्छी होती। • यदि तुम पढ़ते, तो पास हो जाते। • यदि प्रधानमंत्री आते, तो रैली होती। • मैं आता तो वह जाता। |
| वर्तमान काल के भेद | पहचान / नियम | ढेर सारे उदाहरण (Examples) |
|---|---|---|
| (I) सामान्य वर्तमान | क्रिया वर्तमान में सामान्य रूप से होती है। (ता है, ती है, ते हैं)। | • राम घर जाता है। • वह पत्र लिखती है। • बच्चे दूध पीते हैं। • सूर्य पूर्व में उगता है। |
| (II) अपूर्ण / तात्कालिक वर्तमान | क्रिया वर्तमान समय में लगातार चल रही है। (रहा है, रही है, रहे हैं)। | • श्याम पढ़ रहा है। • हम मैच देख रहे हैं। • बाहर बाढ़ आ रही है। • पंखा चल रहा है। |
| (III) पूर्ण वर्तमान काल | वर्तमान समय में कार्य की पूरी तरह सिद्धि या पूर्णता का बोध हो। | • उसने पुस्तक पढ़ी है। • पिताजी दफ़्तर से आए हैं। • लड़का घर आया है। • मैंने खाना खा लिया है। |
| (IV) संदिग्ध वर्तमान | वर्तमान समय में क्रिया के होने पर संदेह हो। (ता होगा, ती होगी, ते होंगे)। | • राम इस समय पढ़ता होगा। • माँ खाना बना रही होगी। • पिताजी दफ़्तर में काम करते होंगे। • वह घर जाता होगा। |
| (V) सम्भाव्य वर्तमान | वर्तमान काल में काम के पूरा होने की संभावना या उम्मीद हो। (शायद, हो सकता है)। | • शायद वह आया हो। • हो सकता है राम पढ़ता हो। • वह लौटा हो। • नौकरानी ने काम कर लिया हो। |
| भविष्यत काल के भेद | पहचान / नियम | ढेर सारे उदाहरण (Examples) |
|---|---|---|
| (I) सामान्य भविष्यत | क्रिया भविष्य में सामान्य रूप से होगी। (गा, गी, गे)। | • राम कल दिल्ली जाएगा। • हम सब शाम को खेलेंगे। • परीक्षा अगले महीने होगी। • मैं एक डॉक्टर बनूँगा। |
| (II) सम्भाव्य भविष्यत | भविष्य में क्रिया के होने की संभावना या उम्मीद व्यक्त हो। (शायद, सम्भव है)। | • शायद कल वर्षा होगी। • सम्भव है कि रमेश कल आए। • शायद चोर पकड़ा जाए। • हो सकता है परीक्षा स्थगित हो जाए। |
| (III) हेतुहेतुमद् भविष्यत | भविष्य की एक क्रिया का होना दूसरी क्रिया पर निर्भर करेगा। | • वह कमाए, तो मैं खाऊँ। • यदि तुम मेहनत करोगे, तो सफल होओगे। • यदि तुम बुलाओगे, तो मैं आऊँगा। • छात्रवृत्ति मिलेगी, तो वह पढ़ेगा। |
🌟 विशेष : सूक्ष्म अंतर एवं कन्फ्यूजन दूर करें
- 1. संदिग्ध वर्तमान vs संदिग्ध भूत में अंतर:
• संदिग्ध वर्तमान: क्रिया के साथ ‘ता/ती/ते’ + होगा लगता है। Ex: वह पढ़ता होगा। (यानी अभी इस वक्त संदेह है)।
• संदिग्ध भूत: क्रिया के भूतकालिक रूप (आ/ई/ए) + होगा लगता है। Ex: उसने पढ़ा होगा। (यानी बीते समय के कार्य पर संदेह है)। - 2. आसन्न भूतकाल vs पूर्ण वर्तमान काल:
व्याकरणिक दृष्टि से ‘राम आया है’ को आसन्न भूतकाल और पूर्ण वर्तमान दोनों श्रेणियों में रखा जाता है क्योंकि कार्य अभी-अभी (वर्तमान के निकट) पूरा हुआ है। यदि परीक्षा के विकल्पों में दोनों हों, तो ‘आसन्न भूत’ को प्राथमिकता दें।