7. विशेषण (Adjective)

परिभाषा: जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, परिमाण आदि) बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं।

🎯 तीन महत्वपूर्ण बिंदु :
  • विशेषण: जो शब्द विशेषता बताता है। (जैसे: सुंदर, काला, चार, थोड़ा)
  • विशेष्य: जिसकी विशेषता बताई जाती है अर्थात् वह संज्ञा या सर्वनाम शब्द। (जैसे: घोड़ा, लड़का, दूध)
  • प्रविशेषण: जो शब्द विशेषण की भी विशेषता बताते हैं। (जैसे: बहुत, अत्यंत, बड़ा, अत्यधिक)
Ex— ‘राधा बहुत सुंदर लड़की है।’
(यहाँ: बहुत = प्रविशेषण, सुंदर = विशेषण, लड़की = विशेष्य)

A. विशेषण के भेद / प्रकार – 4

व्याकरण के अनुसार विशेषण के मुख्य 4 भेद होते हैं:

  1. गुणवाचक विशेषण
  2. संख्यावाचक विशेषण
  3. परिमाणवाचक विशेषण
  4. सार्वनामिक (संकेतवाचक) विशेषण

B. चारों भेदों का प्रचुर उदाहरणों के साथ वर्णन

1. गुणवाचक विशेषण (Qualitative Adjective)

जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, आकार, दशा, काल, स्थान आदि का बोध कराते हैं। इसके अंतर्गत निम्नलिखित रूप आते हैं:

  • गुण बोधक (ढेर सारे उदाहरण): अच्छा, भला, शिष्ट, सभ्य, दानी, न्यायप्रिय, सुशील, कर्मठ, बुद्धिमान।
    वाक्य प्रयोग: वह एक बुद्धिमान छात्र है। राम बहुत दयालु राजा थे।
  • दोष बोधक: बुरा, दुष्ट, क्रूर, नीच, पापी, अभद्र, आलसी, झूठा, मक्कार।
    वाक्य प्रयोग: वह एक झूठा व्यक्ति है। आलसी छात्र कभी सफल नहीं होते।
  • रंग बोधक: काला, गोरा, लाल, पीला, हरा, नीला, चमकीला, धुंधला, बैंगनी।
    वाक्य प्रयोग: श्याम ने नीली कमीज पहनी है। आसमान में काले बादल छाए हैं।
  • आकार बोधक: गोल, चौकोर, त्रिकोणा, लंबा, छोटा, मोटा, पतला, सुडौल, भारी, चपटा।
    वाक्य प्रयोग: पृथ्वी गोल है। वह मोटा लड़का दौड़ नहीं सकता।
  • दशा/अवस्था बोधक: स्वस्थ, बीमार, रोगी, अमीर, गरीब, बूढ़ा, युवा, गीला, सूखा, पिघला, गाढ़ा।
    वाक्य प्रयोग: रोगी व्यक्ति को आराम चाहिए। मैदान अभी गीला है।
  • काल (समय) बोधक: नया, पुराना, ताजा, बासी, भूत, भविष्य, वर्तमान, अगला, पिछला, आधुनिक, प्राचीन।
    वाक्य प्रयोग: हमें हमेशा ताजा फल खाने चाहिए। यह एक प्राचीन मंदिर है।
  • स्थान/दिशा बोधक: भारतीय, जापानी, बनारसी, उज्याड़, भीतरी, बाहरी, ऊपरी, दायां, बायां, पूर्वी, पश्चिमी।
    वाक्य प्रयोग: मुझे बनारसी साड़ी पसंद है। वह जापानी तकनीक बहुत उन्नत है।
2. संख्यावाचक विशेषण (Numeral Adjective)

जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की संख्या (Count) का बोध कराते हैं (जिन्हें गिना जा सकता है)। इसके 2 मुख्य उप-भेद हैं:

(I) निश्चित संख्यावाचक विशेषण: जहाँ निश्चित संख्या का बोध हो। इसके 5 भेद होते है :

  • A. गणनावाचक (गिनती): एक, दो, तीन, चार, सौ, हजार। (Ex: कक्षा में चार पंखे हैं। मेरे पास दस रुपये हैं।)
  • B. क्रमवाचक (Order): पहला, दूसरा, तीसरा, चतुर्थ, दसवां। (Ex: सोहन परीक्षा में पहला आया। तीसरी गली में मेरा घर है।)
  • C. आवृत्तिवाचक (Multiplication): दुगुना, तिगुना, चौगुना, इकहरा, दोहरा। (Ex: मोहन सोहन से दुगुना कमाता है। दूध में तिगुना पानी है।)
  • D. समुदायवाचक (Group): दोनों, तीनों, चारों, पांचों, सातों। (Ex: चारों भाई चले गए। तुम दोनों यहाँ आओ।)
  • E. प्रत्येकबोधक / वीप्सावाचक: प्रत्येक, हर एक, एक-एक, हर वर्ष। (Ex: प्रत्येक बालक को आम दो। हर एक नेता झूठा नहीं होता।)

(II) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण: जहाँ संख्या निश्चित न हो।

  • उदाहरण: कुछ, कई, सब, बहुत, अनेक, थोड़े, सैकड़ों, हजारों।
  • वाक्य प्रयोग: मैदान में कुछ बच्चे खेल रहे हैं। (बच्चों को गिना जा सकता है, पर संख्या निश्चित नहीं है)।
  • वाक्य प्रयोग: सभा में हजारों लोग उपस्थित थे। रेल दुर्घटना में कई यात्री घायल हो गए।
3. परिमाणवाचक विशेषण (Quantitative Adjective)

जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की मात्रा, नाप या तौल (Measurement) का बोध कराते हैं (जिन्हें गिना नहीं जा सकता, केवल नापा-तौला जाता है)। इसके भी 2 उप-भेद हैं:

  • (I) निश्चित परिमाणवाचक: जहाँ नाप-तौल एकदम फिक्स हो।
    उदाहरण: दो किलो घी, पाँच मीटर कपड़ा, एक लीटर दूध, दस क्विंटल गेहूँ, एक बीघा जमीन।
    वाक्य प्रयोग: मुझे चार मीटर कपड़ा चाहिए। गाड़ी में पाँच लीटर पेट्रोल डाल दो।
  • (II) अनिश्चित परिमाणवाचक: जहाँ नाप-तौल निश्चित न हो।
    उदाहरण: थोड़ा, बहुत, ढेर सारा, कम, कुछ, जरा सा, सब, पूरा।
    वाक्य प्रयोग: चाय में थोड़ी चीनी और डालो। आज ढेर सारा दूध खराब हो गया। मुझे जरा सा पानी चाहिए।
4. सार्वनामिक या संकेतवाचक विशेषण (Pronominal Adjective)

जब कोई सर्वनाम शब्द संज्ञा शब्द से ठीक पहले आकर उसकी विशेषता बताता है या उसकी ओर संकेत करता है।

  • उदाहरण शब्द: यह, वह, ये, वे, कोई, कुछ, कौन, क्या (संज्ञा के ठीक पहले होने पर)।
  • वाक्य प्रयोग 1: यह घर मेरा है। (‘घर’ संज्ञा है, उससे ठीक पहले ‘यह’ आया है)।
  • वाक्य प्रयोग 2: वह लड़का बहुत बुद्धिमान है। (‘लड़का’ संज्ञा के ठीक पहले ‘वह’ है)।
  • वाक्य प्रयोग 3: कोई आदमी दरवाजे पर रो रहा है।
  • वाक्य प्रयोग 4: ये किताबें तुम्हारी हैं।

C. विशेषण की अवस्थाएँ (Degrees of Comparison)

केवल गुणवाचक और परिमाणवाचक विशेषणों की तुलनात्मक रूप से 3 अवस्थाएँ होती हैं:

मूलावस्था (Positive) उत्तरावस्था (Comparative) उत्तमावस्था (Superlative)
सुंदरसुंदरतर (उससे सुंदर)सुंदरतम (सबसे सुंदर)
उच्चउच्चतरउच्चतम
महत्महत्तरमहत्तम
लघुलघुतरलघुतम
तीव्रतीव्रतरतीव्रतम
प्रियप्रियतरप्रियतम
अच्छासे अच्छासबसे अच्छा

🌟 विशेषण के गूढ़ नियम (अपवाद)

💡 परीक्षा में फंसाने वाले बारीक अंतर
  • 1. सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण में अंतर:
    सर्वनाम: संज्ञा के बदले आता है (इसके बाद संज्ञा नहीं होती)। Ex: वह जा रहा है।
    सार्वनामिक विशेषण: संज्ञा के ठीक पहले आता है। Ex: वह लड़का जा रहा है।
  • 2. संख्यावाचक और परिमाणवाचक में अंतर:
    • जिसे गिना जा सके, वह संख्यावाचक है। Ex: मैदान में कुछ लड़के हैं।
    • जिसे नापा-तौला जाए, वह परिमाणवाचक है। Ex: बिल्ली ने कुछ दूध गिरा दिया।
  • 3. विशेष्य-विशेषण vs विधेय-विशेषण (Most Important):
    विशेष्य-विशेषण: जब विशेषण, विशेष्य (संज्ञा) के पहले आए।
    Ex: वह काला घोड़ा है। / मुझे सफेद कमीज पसंद है।
    विधेय-विशेषण: जब विशेषण, विशेष्य (संज्ञा) के बाद तथा क्रिया के पहले आए।
    Ex: मेरा घोड़ा काला है। / मेरी कमीज सफेद है।