1. प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत
A. पुरातात्विक स्रोत (Archaeological Sources)
पुरातात्विक स्रोत प्राचीन इतिहास को जानने के सबसे प्रामाणिक (Authentic) साधन माने जाते हैं। इसके अंतर्गत अभिलेख, सिक्के, स्मारक, भवन और मूर्तियां आती हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य (सिक्के एवं अन्य)
- आहत सिक्के (Punch-marked Coins): भारत के सबसे प्राचीन सिक्के आहत सिक्के कहलाते हैं (5वीं शताब्दी ई.पू.)। साहित्य में इन्हें ‘कार्षापण’ कहा गया है। इन पर मुख्य रूप से पेड़, मछली, सांड, हाथी आदि के चित्र होते थे।
- स्वर्ण सिक्के (Gold Coins): भारत में सबसे पहले लेख वाले सोने के सिक्के हिन्द-यवन (Indo-Greek) शासकों ने जारी किए।
- सर्वाधिक स्वर्ण सिक्के: गुप्त काल में सबसे अधिक सोने के सिक्के जारी किए गए, जिन्हें अभिलेखों में ‘दीनार’ कहा गया है।
- सर्वाधिक शुद्ध स्वर्ण सिक्के: कुषाण शासकों (विशेषकर कनिष्क) ने सबसे शुद्ध सोने के सिक्के जारी किए।
- सीसे (Lead) के सिक्के: सातवाहन शासकों ने सर्वाधिक सीसे के सिक्के जारी किए।
- बोगजकोई अभिलेख (Asia Minor): यह 1400 ई.पू. का है। इसमें चार वैदिक देवताओं— इंद्र, वरुण, मित्र और नासत्य का उल्लेख मिलता है।
परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले प्रमुख अभिलेख
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| अभिलेख का नाम | संबंधित शासक | महत्वपूर्ण विशेषता / विषय |
|---|---|---|
| हाथीगुम्फा अभिलेख | कलिंग नरेश खारवेल | यह तिथिरहित अभिलेख है। इसमें सर्वप्रथम ‘भारतवर्ष’ का जिक्र है। |
| जूनागढ़ (गिरनार) अभिलेख | रुद्रदामन | यह संस्कृत भाषा का सबसे लंबा और प्रथम अभिलेख है। इसमें सुदर्शन झील के पुनर्निर्माण की जानकारी है। |
| प्रयाग प्रशस्ति | समुद्रगुप्त (लेखक: हरिषेण) | इसमें समुद्रगुप्त की विजयों और नीतियों का विस्तार से वर्णन है। |
| ऐहोल अभिलेख | पुलकेशिन द्वितीय (लेखक: रविकीर्ति) | इसमें हर्षवर्धन और पुलकेशिन द्वितीय के बीच हुए युद्ध का वर्णन है। |
| एरण अभिलेख | भानुगुप्त | इसमें सती प्रथा का पहला लिखित साक्ष्य (510 ई.) मिलता है। |
B. साहित्यिक स्रोत (Literary Sources)
1. धार्मिक साहित्य (Religious Literature)
- वेद (4): ऋग्वेद (सबसे प्राचीन, 10 मंडल, 1028 सूक्त), यजुर्वेद (गद्य और पद्य दोनों में), सामवेद (भारतीय संगीत का जनक), और अथर्ववेद (जादू-टोना, वशीकरण)।
- उपनिषद (108): इन्हें ‘वेदांत’ भी कहा जाता है। ‘सत्यमेव जयते’ मुंडकोपनिषद से और ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ बृहदारण्यक उपनिषद से लिया गया है।
- बौद्ध साहित्य: सबसे प्राचीन बौद्ध ग्रंथ ‘त्रिपिटक’ हैं जो पालि भाषा में हैं। बुद्ध के पूर्व जन्म की कहानियों को ‘जातक कथा’ कहा जाता है।
- जैन साहित्य: जैन साहित्य को ‘आगम’ कहा जाता है। प्रमुख ग्रंथ ‘कल्पसूत्र’ (भद्रबाहु द्वारा रचित) प्राकृत भाषा में हैं।
2. धर्मनिरपेक्ष एवं ऐतिहासिक साहित्य (Secular Books)
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| पुस्तक का नाम | लेखक | महत्वपूर्ण तथ्य / विषय |
|---|---|---|
| अर्थशास्त्र | चाणक्य (कौटिल्य) | मौर्यकालीन राजनीति, प्रशासन और अर्थशास्त्र की जानकारी। |
| राजतरंगिणी | कल्हण | संस्कृत साहित्य में ऐतिहासिक घटनाओं का क्रमबद्ध प्रयास। इसमें कश्मीर का इतिहास है। |
| अष्टाध्यायी | पाणिनि | संस्कृत व्याकरण की प्रथम प्रामाणिक पुस्तक। |
| मुद्राराक्षस | विशाखदत्त | मौर्य काल के राजनीतिक षड्यंत्रों का वर्णन। |
C. विदेशी यात्रियों के विवरण (Foreign Accounts)
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| विदेशी यात्री | देश/मूल | महत्वपूर्ण विवरण / पुस्तक |
|---|---|---|
| हेरोडोटस | यूनान (ग्रीक) | इन्हें ‘इतिहास का पिता’ कहा जाता है। पुस्तक: ‘हिस्टोरिका’। |
| मेगस्थनीज | यूनान | चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आए। पुस्तक: ‘इंडिका’। |
| फाह्यान | चीन | चन्द्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के समय भारत आए। रचना: ‘फो-क्यो-की’। |
| ह्वेनसांग | चीन | हर्षवर्धन के शासनकाल में आए। पुस्तक: ‘सी-यू-की’। |
| अलबरूनी | अरब | महमूद गजनवी के साथ भारत आए। पुस्तक: ‘किताब-उल-हिंद’। |
💡 Terminology (Exam Special)
- एपिग्राफी (Epigraphy) अभिलेखों (Inscriptions) का अध्ययन।
- न्यूमिस्मेटिक्स (Numismatics) प्राचीन सिक्कों (Coins) का अध्ययन (मुद्राशास्त्र)।
- पेलियोग्राफी (Palaeography) प्राचीन तिथियों और लिपियों का अध्ययन।