12. मुगल वंश: हुमायूं (1530-1540, 1555-1556)

परिचय: हुमायूं बाबर का ज्येष्ठ पुत्र था। 29 दिसंबर 1530 को आगरा में हुमायूं का राज्याभिषेक हुआ। इसका अर्थ ‘भाग्यशाली’ होता है, लेकिन यह अपने जीवन में बहुत संघर्षशील रहा।

A. हुमायूं के प्रमुख युद्ध

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युद्ध का नाम वर्ष परिणाम
कालिंजर विजय 1531 हुमायूं की पहली सैन्य विजय
दोहरिया का युद्ध 1532 महमूद लोदी को हराया
चुनार का घेरा 1532 शेरशाह सूरी से समझौता
चौसा का युद्ध 1539 शेरशाह सूरी से हार, हुमायूं जान बचाकर भागा
बिलग्राम/कन्नौज 1540 शेरशाह से निर्णायक हार, निर्वासित जीवन

B. निर्वासन और वापसी

  • 1540 के बाद हुमायूं ईरान के शासक शाह तहमास्प के दरबार में रहा।
  • 1541 में इसने हमीदा बानू बेगम से निकाह किया।
  • 1542 में अमरकोट के राजा ‘वीरसाल’ के महल में अकबर का जन्म हुआ।
  • 1555 में सरहिन्द के युद्ध में सिकंदर सूर को हराकर हुमायूं पुनः दिल्ली की गद्दी पर बैठा।

C. मृत्यु एवं विशेष तथ्य

  • मृत्यु: 1556 में दीनपनाह भवन में स्थित ‘शेर मंडल’ पुस्तकालय की सीढ़ियों से गिरने के कारण हुई। इतिहासकार लेनपूल ने कहा— “हुमायूं जीवन भर लड़खड़ाता रहा और लड़खड़ाते हुए ही उसकी मृत्यु हो गई।”
  • निर्माण: दीनपनाह नगर की स्थापना की। हुमायूं का मकबरा दिल्ली में हाजी बेगम (हमीदा बानू) ने बनवाया, जिसे मुगल स्थापत्य का ‘ताजमहल का पूर्वगामी’ कहा जाता है।
  • व्यक्तिगत: हुमायूं ज्योतिष में विश्वास रखता था, इसीलिए सप्ताह में सातों दिन सात अलग-अलग रंग के कपड़े पहनता था।