शाब्दिक अर्थ: सर्व + नाम = सबका नाम।
परिभाषा: जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं।
प्रयोग का कारण: वाक्य में एक ही संज्ञा (नाम) की बार-बार पुनरावृत्ति (Repetition) को रोकने और भाषा को सुंदर व सहज बनाने के लिए सर्वनाम का प्रयोग किया जाता है।
जैसे: ‘राम स्कूल जाता है, वह (सर्वनाम) वहाँ पढ़ता है।’
परिभाषा: जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं।
प्रयोग का कारण: वाक्य में एक ही संज्ञा (नाम) की बार-बार पुनरावृत्ति (Repetition) को रोकने और भाषा को सुंदर व सहज बनाने के लिए सर्वनाम का प्रयोग किया जाता है।
जैसे: ‘राम स्कूल जाता है, वह (सर्वनाम) वहाँ पढ़ता है।’
A. सर्वनाम की संख्या और भेद (VVI for Exams)
परीक्षा में संख्या को लेकर अक्सर सीधा प्रश्न आता है:
- हिंदी में मूल सर्वनामों की संख्या: 11 (ग्यारह) है।
(मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कोई, कुछ, कौन, क्या) - प्रयोग/व्याकरण के आधार पर सर्वनाम के भेद: 6 (छह) होते हैं।
B. सर्वनाम के 6 भेदों का विस्तृत वर्णन
1. पुरुषवाचक सर्वनाम (Personal Pronoun)
जिन सर्वनामों का प्रयोग बोलने वाले (वक्ता), सुनने वाले (श्रोता) या किसी अन्य व्यक्ति (जिसके बारे में बात हो रही हो) के लिए किया जाता है। इसके 3 उप-भेद होते हैं:
| उप-भेद | किसके लिए? | मूल सर्वनाम व उनके रूप |
|---|---|---|
| उत्तम पुरुष (First Person) | बोलने वाला (वक्ता) स्वयं के लिए | मैं, हम (मेरा, मुझे, हमारा, हमें) |
| मध्यम पुरुष (Second Person) | सुनने वाले (श्रोता) के लिए | तू, तुम, आप (तेरा, तुझे, तुम्हारा, आपका) |
| अन्य पुरुष (Third Person) | किसी तीसरे (अन्य) व्यक्ति के लिए | यह, वह, ये, वे (उसका, उनका, उन्हें, इसे) |
2. निश्चयवाचक सर्वनाम (Demonstrative Pronoun)
- जो सर्वनाम किसी पास या दूर की वस्तु/व्यक्ति की ओर निश्चित संकेत करते हैं। इन्हें ‘संकेतवाचक सर्वनाम’ भी कहते हैं।
- समीप (पास) के लिए: यह, ये। (Ex: यह मेरी पुस्तक है। ये मेरे खिलौने हैं।)
- दूर के लिए: वह, वे। (Ex: वह राम की गाय है। वे लड़के खेल रहे हैं।)
3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम (Indefinite Pronoun)
- जिन सर्वनाम शब्दों से किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध न हो।
- प्राणीवाचक के लिए (कोई): Ex: बाहर कोई खड़ा है। दाल में कोई गिर गया है।
- अप्राणीवाचक / निर्जीव के लिए (कुछ): Ex: मुझे कुछ खाने को दो। दाल में कुछ काला है।
4. संबंधवाचक सर्वनाम (Relative Pronoun)
- जो सर्वनाम शब्द वाक्य में आए दूसरे सर्वनाम शब्दों से संबंध बताते हैं (ये हमेशा जोड़े में आते हैं)।
- मूल शब्द: जो-सो, जैसा-वैसा, जिसकी-उसकी, जितना-उतना।
- Ex: जो बोएगा, सो काटेगा।
- Ex: जैसी करनी, वैसी भरनी।
- Ex: जिसकी लाठी, उसकी भैंस।
5. प्रश्नवाचक सर्वनाम (Interrogative Pronoun)
- जिन सर्वनामों का प्रयोग प्रश्न पूछने के लिए किया जाता है।
- प्राणियों के लिए (कौन): Ex: दरवाजे पर कौन आया है?
- निर्जीव/अप्राणियों के लिए (क्या): Ex: तुम हाथ में क्या लिए हो? राम क्या खा रहा है?
6. निजवाचक सर्वनाम (Reflexive Pronoun)
- जिन सर्वनामों का प्रयोग कर्ता (Subject) स्वयं (खुद) के लिए करता है।
- शब्द: आप, स्वयं, खुद, निज, स्वतः।
- Ex: मैं स्वयं चला जाऊंगा।
- Ex: तुम अपना काम खुद करो।
- Ex: मैं यह कार्य अपने आप कर लूँगा।
🌟 परीक्षा में फंसाने वाले अपवाद (Advanced)
💡 ‘आप’ और ‘यह/वह’ का रहस्य (VVI Rule)
- 1. ‘आप’ के 3 अलग-अलग प्रयोग:
• मध्यम पुरुष: जब श्रोता को आदर देने के लिए हो। (Ex: आप कहाँ जा रहे हैं?)
• निजवाचक: जब खुद के लिए हो। (Ex: मैं अपने आप खा लूँगा।)
• अन्य पुरुष: जब किसी महान व्यक्ति का परिचय देने के लिए हो। (Ex: महात्मा गांधी राष्ट्रपिता हैं, आपने देश को आज़ाद कराया।) - 2. अन्य पुरुष vs निश्चयवाचक (यह/वह):
• अन्य पुरुष: जब ‘यह/वह’ किसी व्यक्ति के लिए आए। (Ex: राम मेरा दोस्त है, वह दिल्ली में है।)
• निश्चयवाचक: जब ‘यह/वह’ किसी वस्तु की ओर इशारा करे। (Ex: वह मेरी साइकिल है।) - 3. निश्चयवाचक सर्वनाम vs सार्वनामिक विशेषण:
• निश्चयवाचक सर्वनाम: जब ‘यह/वह’ के तुरंत बाद संज्ञा (Noun) न आए। (Ex: यह मेरी कार है।)
• सार्वनामिक विशेषण: जब ‘यह/वह’ के तुरंत बाद संज्ञा आ जाए। (Ex: यह कार मेरी है।)